
बिलासपुर: बिलासपुर में सरकारी दफ्तर की लापरवाही का एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां फ्लैट के नामांतरण की फाइल महीनों तक लंबित रहने से परेशान युवक ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। युवक दफ्तर में आधा किलो बादाम लेकर पहुंचा और अधिकारियों से कहा कि “इसे खाइए, याददाश्त बढ़ेगी, फिर शायद मेरी फाइल याद आ जाए।” इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विभाग में हड़कंप मच गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई।
जांच में सामने आया कि आवेदक तरुण साहू ने मार्च 2025 में नाम ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था और नवंबर 2025 में प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद फाइल उसे नहीं सौंपी गई। यानी काम पूरा होने के बाद भी फाइल दफ्तर में ही पड़ी रही और आवेदक को करीब एक साल तक चक्कर काटने पड़े। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने कार्रवाई करते हुए दो जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से मुख्यालय, नवा रायपुर अटैच कर दिया।
विभागीय कार्रवाई के बाद मामला और तूल पकड़ गया, जब हाउसिंग बोर्ड कार्यालय की एक महिला अधिकारी ने युवक पर ही गंभीर आरोप लगाए। अधिकारी का दावा है कि वीडियो बनाने के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार और आपत्तिजनक टिप्पणी की गई, जिसकी शिकायत पुलिस से की गई है। हालांकि, अभी तक इस शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
इधर, पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है, जहां एक ओर लोग प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अधिकारी भी अपनी सफाई दे रहे हैं। यह मामला न केवल सरकारी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि नागरिक सेवाओं में जवाबदेही और पारदर्शिता की जरूरत को भी उजागर करता है।

