
रायपुर। सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से परेशान एक पीड़ित ने रायपुर कलेक्ट्रेट में अनोखे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। भारतमाला परियोजना के तहत जमीन और मकान अधिग्रहण से जुड़े मामले में राहत की मांग करते हुए वह अपने मवेशी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचा और परिसर में उसे बांध दिया। इस कदम के जरिए उसने प्रशासन का ध्यान अपनी लंबित शिकायतों की ओर खींचने की कोशिश की।
पीड़ित का कहना है कि जमीन-मकान अधिग्रहण, मुआवजे और बिजली मीटर से जुड़ी समस्याओं को लेकर लंबे समय से राहत का इंतजार कर रहा है। शिकायतों का निराकरण नहीं होने से परेशान होकर उसने अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने के लिए यह तरीका अपनाया।
मवेशी लेकर पहुंचा कलेक्ट्रेट, प्रशासन का ध्यान खींचने की कोशिश
अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे पीड़ित ने परिसर में मवेशी बांधकर विरोध जताया। उसका उद्देश्य अपनी समस्या को प्रशासन के सामने प्रमुखता से रखना और लंबित मामले में कार्रवाई की मांग करना था। इस घटनाक्रम ने कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। पीड़ित को उम्मीद है कि इस तरह विरोध दर्ज कराने के बाद संबंधित अधिकारी उसकी शिकायत पर गंभीरता से विचार करेंगे।
भारतमाला परियोजना के अधिग्रहण से जुड़ा विवाद
मामला भारतमाला परियोजना के लिए जमीन और मकान अधिग्रहण से संबंधित बताया जा रहा है। पीड़ित के मुताबिक, अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों का अब तक समाधान नहीं हुआ है। मुआवजे को लेकर भी उसकी शिकायत बनी हुई है।उसका आरोप है कि समस्या के निराकरण के लिए कई बार अधिकारियों के पास जाने के बावजूद उसे राहत नहीं मिली। हालांकि, अधिग्रहण और मुआवजे से संबंधित दावों पर प्रशासन का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
बिजली मीटर की समस्या भी उठाई
पीड़ित ने जमीन-मकान और मुआवजे के अलावा बिजली मीटर से जुड़ी परेशानी का भी मुद्दा उठाया है। उसका कहना है कि संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। लगातार परेशानियों का सामना करने के बाद उसने कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध करने का फैसला किया। अब उसकी मांग है कि संबंधित विभाग मामले की जांच करे और लंबित समस्याओं का उचित निराकरण किया जाए।
अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजरें
इस मामले में पीड़ित की शिकायत और उसके आरोपों पर प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। यह भी स्पष्ट होना है कि जमीन अधिग्रहण, मुआवजे और बिजली मीटर से जुड़े मामलों की वर्तमान स्थिति क्या है। फिलहाल, पीड़ित ने अपने विरोध के जरिए प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी शिकायतों की समीक्षा कर उसे राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।