रायपुर। राजधानी रायपुर के सड्डू इलाके में आज प्रिंस ढाबे के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान अचानक तनावपूर्ण स्थिति बन गई। प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ कथित अवैध निर्माण को हटाने पहुंची थी। कार्रवाई शुरू होने से पहले ही ढाबा संचालक ने विरोध करते हुए खुद पर पेट्रोल डाल लिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन को तत्काल कार्रवाई रोकनी पड़ी।

जमीन के सीमांकन को लेकर आमने-सामने आया विवाद
प्रशासनिक टीम के मौके पर पहुंचने के बाद ढाबा संचालक और अधिकारियों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। संचालक की ओर से मुख्य आपत्ति जमीन के सीमांकन को लेकर जताई गई। संचालक का आरोप है कि जमीन की सही तरीके से नाप-जोख और सीमांकन किए बिना ही ढाबे के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उसने प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाए।prince-dhaba.jpg

कोर्ट में मामला लंबित होने का भी दावा
ढाबा संचालक ने यह भी दावा किया कि जमीन से जुड़ा विवाद अदालत में विचाराधीन है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा कार्रवाई किए जाने पर उसने आपत्ति जताई। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने संचालक से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और संचालक ने अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया।

पेट्रोल डालने के बाद मची अफरा-तफरी
संचालक के इस कदम के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने तत्काल स्थिति को संभाला। मौके पर पहले से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था। घटना के बाद प्रशासन ने ढाबे को हटाने की कार्रवाई फिलहाल रोकने का फैसला किया।prince-dhaba-raipur-1.jpg

कोर्ट के आदेश तक रुकी कार्रवाई
मामले में तहसीलदार की ओर से बताया गया कि फिलहाल कार्रवाई स्थगित कर दी गई है। कोर्ट के आदेश के बाद ही आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जाएगा। अब इस पूरे विवाद में जमीन के रिकॉर्ड, सीमांकन और अदालत में लंबित मामले से जुड़े दस्तावेज अहम माने जा रहे हैं। प्रशासन और ढाबा संचालक के दावों के बीच अगला कदम कोर्ट के आदेश और संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर तय होने की बात कही जा रही है।