नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें चेक बाउंस से जुड़े पुराने मामलों में कम होती नजर नहीं आ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भुगतान संबंधी अपने निर्देश का पालन नहीं होने पर अभिनेता को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने उन्हें बकाया राशि की दिशा में ₹2 करोड़ जमा करने का निर्देश दिया था और भुगतान में देरी पर सख्त रुख अपनाया गया है। यह विवाद निजी कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े पुराने वित्तीय लेनदेन से संबंधित है। मामला करीब डेढ़ दशक पुराना है और इसकी जड़ें राजपाल यादव की फिल्म ‘अतापता लापता’ से जुड़े वित्तीय विवाद में हैं।

भुगतान में देरी पर सुप्रीम कोर्ट नाराज
सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने 15 सितंबर को राजपाल यादव को बकाया रकम के भुगतान के लिए अंतिम अवसर देते हुए ₹2 करोड़ कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने का निर्देश दिया था। अभिनेता को दो सप्ताह में भुगतान की ठोस व्यवस्था प्रस्तुत करने को कहा गया था। हालांकि, तय समयसीमा में भुगतान नहीं होने पर 5 अक्टूबर की सुनवाई में अदालत ने उनके रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने साफ संकेत दिया कि आदेशों का पालन नहीं होने की स्थिति में उनकी याचिका पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

कोर्ट ने क्यों दिखाई इतनी सख्ती?
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव की ओर से भुगतान को लेकर बैंक प्रक्रिया का हवाला दिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, उनके वकील ने डिमांड ड्राफ्ट से संबंधित दस्तावेज अदालत के सामने रखे, लेकिन पीठ ने समयसीमा और पहले दिए गए निर्देशों का पालन नहीं होने पर असंतोष जताया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले को बार-बार टालने से शिकायतकर्ता के पैसे की वसूली प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से कोर्ट ने अभिनेता की अपील को तुरंत खारिज करने के बजाय भुगतान का अवसर देने को प्राथमिकता दी।

क्या है राजपाल यादव का पुराना चेक बाउंस विवाद?
यह मामला वर्ष 2010 में शुरू हुए वित्तीय विवाद से जुड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अतापता लापता’ के लिए निजी कंपनी से करीब ₹5 करोड़ की वित्तीय सहायता ली थी। बाद में रकम लौटाने के लिए जारी किए गए चेक बाउंस होने पर कानूनी विवाद शुरू हुआ। समय के साथ मामला कई चेक-बाउंस मामलों में बदल गया। दिल्ली हाईकोर्ट ने इन मामलों में राजपाल यादव को तीन महीने की सजा भी सुनाई थी, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

‘अतापता लापता’ के फ्लॉप होने का भी दिया हवाला
राजपाल यादव की ओर से इस पूरे विवाद में फिल्म से हुए आर्थिक नुकसान का भी हवाला दिया गया है। अभिनेता का कहना रहा है कि फिल्म के खराब प्रदर्शन से उन्हें बड़ा वित्तीय झटका लगा था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के सामने मौजूदा मुद्दा मुख्य रूप से अदालत के भुगतान संबंधी निर्देश और शिकायतकर्ता की बकाया राशि से जुड़ा है।

अब आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट ने भुगतान के मामले में अभिनेता को राहत देने के साथ-साथ यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अदालत के आदेशों का पालन जरूरी है। 5 अक्टूबर की सुनवाई के बाद मामले को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था। अब मामले में यह देखा जाएगा कि राजपाल यादव निर्धारित भुगतान की शर्तों को किस तरह पूरा करते हैं और उनकी लंबित याचिका पर अदालत आगे क्या रुख अपनाती है।