
रायपुर। छत्तीसगढ़ अपने स्थापना दिवस पर इस बार सिर्फ संस्कृति और परंपरा का उत्सव नहीं मनाएगा, बल्कि प्रदेश के बदलते स्वरूप और विकास की कहानी भी सामने रखेगा। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 का आयोजन 1 से 3 नवंबर तक किया जाएगा। राज्य स्तरीय आयोजन नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तूता स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर (मेला ग्राउंड) में प्रस्तावित है।
राज्योत्सव की तैयारियों के बीच पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आयोजन की रूपरेखा को लेकर बातचीत में बताया कि इस बार उत्सव में छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं के साथ प्रदेश में आए बदलाव को भी प्रमुखता से प्रदर्शित करने की तैयारी है।
‘नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़’ से बदलाव की तस्वीर दिखाने की तैयारी
राज्योत्सव में प्रदेश के उन इलाकों में हुए बदलाव को भी प्रदर्शित करने की तैयारी है, जो लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहे हैं। ‘नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़’ के जरिए शांति, विकास और बदलते सामाजिक परिवेश से जुड़े पहलुओं को सामने रखने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के जरिए प्रदेश की विकास यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा को प्रदर्शित करने की तैयारी है।
हालांकि, 29 सितंबर की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्योत्सव को व्यापक केंद्रीय थीम के तहत आयोजित करने पर जोर दिया गया है। इसमें ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मानव पूंजी विकास, विकसित भारत और अंजोर छत्तीसगढ़ जैसे विषयों के साथ प्रदेश के भविष्य और विकास पर फोकस रखने के निर्देश दिए गए हैं।
तीन दिन दिखेगी छत्तीसगढ़ की कला और विकास की झलक
इस बार राज्योत्सव तीन दिनों का होगा। आयोजन में विभागीय प्रदर्शनियों के जरिए प्रदेश की योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों को लोगों के सामने रखा जाएगा। विभिन्न विभागों को अपनी प्रदर्शनी की कार्ययोजना तैयार करने और 22 अक्टूबर तक तैयारियों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ की लोककला और परंपराओं को प्रमुखता देने के साथ स्थानीय कलाकारों को मंच देने पर भी जोर रहेगा।
स्थानीय कलाकारों को मिलेगा बड़ा मंच
राज्योत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रदेश के स्थानीय कलाकारों को अधिक अवसर देने की तैयारी है। मंत्री राजेश अग्रवाल के मुताबिक, छत्तीसगढ़ की अपनी लोककला, लोकसंगीत और सांस्कृतिक विरासत को मंच पर प्रमुखता देने का प्रयास रहेगा।
इसके साथ ही दर्शकों की मांग और आयोजन की भव्यता को देखते हुए दूसरे राज्यों के कलाकारों को भी आमंत्रित किए जाने की तैयारी है।
राज्योत्सव में होंगे राज्य अलंकरण और पुरस्कार
राज्योत्सव के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों और संस्थाओं को राज्य स्तरीय सम्मान दिए जाएंगे। 29 सितंबर की समीक्षा बैठक के अनुसार, विभिन्न विभागों की ओर से कुल 40 राज्य स्तरीय अलंकरण एवं पुरस्कार प्रदान किए जाने हैं।
आपके दिए मंत्री-इंटरव्यू के अनुसार, डॉ. तीजन बाई के नाम से अतिरिक्त राज्य अलंकरण शुरू किए जाने की बात भी सामने आई है। मुख्यमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन की रिपोर्ट में भी डॉ. तीजन बाई की विरासत को सहेजने के लिए ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ शुरू करने की जानकारी दी गई थी।
नवा रायपुर में तैयारियां तेज
राज्योत्सव के लिए मेला ग्राउंड के लेआउट, स्टॉल, विकास प्रदर्शनी, मुख्य मंच, डोम, पंडाल, बैठक और बैरिकेडिंग जैसी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को दी गई है। वहीं सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, अग्निशमन, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा और बिजली जैसी व्यवस्थाओं को लेकर भी विभागवार जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं।
अमित शाह के शामिल होने की चर्चा
राज्योत्सव में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना भी बताई जा रही है। हालांकि, उनके कार्यक्रम को लेकर अंतिम आधिकारिक पुष्टि अभी प्रतीक्षित है।