छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दीपावली से पहले अवैध पटाखा निर्माण का मामला सामने आया है। गोलबाजार थाना क्षेत्र के गणेश राम नगर में एक रिहायशी मकान के कमरे में चोरी-छिपे पटाखे तैयार किए जा रहे थे। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पांच कार्टन तैयार पटाखे, बड़ी मात्रा में अर्धनिर्मित पटाखे और पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाला एल्यूमिनियम पाउडर बरामद किया गया। पुलिस ने कमरे को सील कर दिया है और दो लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू की है।

फटाका दुकान के ऊपर बने कमरे में चल रहा था अवैध निर्माण

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गणेश राम नगर स्थित शिव शक्ति फटाका दुकान के ऊपर बने आवासीय कमरे में अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। मुखबिर से सूचना मिली थी कि दुकान संचालक अपने कमरे में कुछ लोगों को बुलाकर पटाखे तैयार करवा रहा है। इन पटाखों को दीपावली के दौरान बाजार में बेचने की तैयारी थी।

सूचना मिलते ही गोलबाजार पुलिस ने प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी। इसके बाद एसडीएम कार्यालय, नगर निगम के जोनल कमिश्नर और पर्यावरण अधिकारी के कार्यालय की टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई।

छापेमारी में पांच कार्टन पटाखे और एल्यूमिनियम पाउडर जब्त

थाना प्रभारी निरीक्षक कृष्णा साहू के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर कमरे की तलाशी ली। जांच के दौरान वहां 'TOP TIGER' नाम से पटाखे तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई।

तलाशी में पांच कार्टन तैयार पटाखे बरामद हुए। इसके अलावा बोरियों और कार्टन में बड़ी मात्रा में अर्धनिर्मित पटाखे भी रखे मिले। पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाला एल्यूमिनियम पाउडर भी जब्त किया गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जब्त सामग्री पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाली लो एक्सप्लोसिव श्रेणी की बताई गई है। कार्रवाई के बाद संबंधित कमरे को सील कर दिया गया।

दो लोगों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में श्याम लाल ठाकुर और दीपक ठाकुर को आरोपी बनाया है।

  • श्याम लाल ठाकुर (76 वर्ष): निवासी गणेश राम नगर, वर्तमान पता गांधी नगर, अमलीडीह, रायपुर।
  • दीपक ठाकुर (57 वर्ष): निवासी कालीनगर, पंडरी, रायपुर।

दोनों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम, 1884 की धारा 9B(1)(a) और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 288 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

रिहायशी इलाके में पटाखे बनाने से हो सकता था बड़ा हादसा

घनी आबादी वाले क्षेत्र में पटाखों का निर्माण और भंडारण आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। पटाखों में इस्तेमाल होने वाली विस्फोटक सामग्री के कारण आग लगने या विस्फोट जैसी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में रिहायशी मकान में इस तरह की गतिविधियां सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।

पुलिस ने लोगों से की अपील

गोलबाजार पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि रिहायशी मकानों और आबादी वाले क्षेत्रों में अवैध रूप से पटाखों का निर्माण या भंडारण न करें। यदि आसपास इस तरह की गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।

फिलहाल पुलिस ने कमरे को सील कर जब्त सामग्री के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। दीपावली से पहले रायपुर में अवैध पटाखा निर्माण का खुलासा होने के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई चर्चा में है।