साहिबगंज। झारखंड के साहिबगंज में गिरफ्तार बांग्लादेशी युवक मो. सुमन मियां का मामला अब जांच एजेंसियों के दायरे में आ गया है। युवक से पूछताछ के बाद रविवार दोपहर जीआरपी पुलिस ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची से एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की एक सदस्यीय टीम साहिबगंज जीआरपी थाने पहुंची और जांच से संबंधित दस्तावेज हासिल किए। युवक के पास से बरामद पाकिस्तानी और नेपाली मुद्रा भी आगे की जांच के लिए टीम को सौंप दी गई।

जीआरपी थाने से जुटाए दस्तावेज, विदेशी मुद्रा की होगी पड़ताल
रविवार को रांची से पहुंची ATS टीम ने जीआरपी थाना प्रभारी सत्यदेव राम से पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद गिरफ्तार युवक से जुड़े जरूरी दस्तावेज प्राप्त किए गए। पुलिस ने युवक के पास से मिली पाकिस्तान और नेपाल की मुद्रा भी जांच के लिए टीम को सौंप दी। अब इन दस्तावेजों और करेंसी के स्रोत की पड़ताल की जाएगी। जरूरत पड़ने पर जांच एजेंसियों की अन्य टीमें भी साहिबगंज पहुंच सकती हैं। युवक फिलहाल न्यायिक अभिरक्षा में है, ऐसे में उससे आगे पूछताछ की प्रक्रिया नियमानुसार की जाएगी।

भारत में प्रवेश और कथित संपर्कों की जांच
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि युवक भारत कैसे पहुंचा और सीमा पार करने में किसी एजेंट की भूमिका थी या नहीं। इसके अलावा भारत आने के उसके कथित उद्देश्य, श्रीनगर में बताए गए संपर्कों और संभावित सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा सकती है। युवक के पास विदेशी मुद्रा कहां से आई और उसका इस मामले से कोई संबंध है या नहीं, यह भी जांच का हिस्सा होगा। फिलहाल इन पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। एजेंसियां उपलब्ध दस्तावेजों और युवक के बयानों के आधार पर तथ्यों का सत्यापन करेंगी।

ट्रेन में चेन पुलिंग के बाद सामने आया मामला
जानकारी के मुताबिक, ट्रेन में चेन पुलिंग की घटना के बाद मो. सुमन मियां की पहचान और गिरफ्तारी का मामला सामने आया था। RPF की टीम उसे बड़हरवा से साहिबगंज लेकर आई थी। इसके बाद एसपी अमित कुमार सिंह ने जीआरपी को मामला दर्ज करने और जरूरत पड़ने पर स्थानीय पुलिस की मदद लेने का निर्देश दिया था। अब ATS की जांच से यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि युवक के भारत पहुंचने और उसके पास मिली सामग्री से जुड़े तथ्यों की वास्तविक स्थिति क्या है।

श्रीनगर में बांग्लादेशी नागरिकों को लेकर युवक का दावा
गिरफ्तार युवक ने कथित तौर पर दावा किया कि श्रीनगर में तीन हजार से अधिक बांग्लादेशी नागरिक रहते हैं। उसके मुताबिक, इनमें कुछ लोग कबाड़ का कारोबार करते हैं, जबकि अन्य कबाड़ इकट्ठा करने और दूसरे कामों में लगे हैं। उसने एजेंटों के माध्यम से रोजगार मिलने और सीमा पार करने के बाद ट्रेन से आगे की यात्रा करने की बात भी कही। हालांकि, श्रीनगर में बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या, कथित एजेंट नेटवर्क और युवक के अन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन बयानों को जांच में सत्यापित किया जाना बाकी है।

जांच के निष्कर्षों पर टिकी नजरें
साहिबगंज में हुई गिरफ्तारी के बाद अब जांच का केंद्र युवक के दस्तावेज, विदेशी मुद्रा का स्रोत, भारत में प्रवेश का तरीका और उसके बताए गए संपर्क हैं। इन सभी पहलुओं की पुष्टि होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी। फिलहाल जांच एजेंसियों की ओर से अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।