
पेंड्रा। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित सेवा की एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। जहां आमतौर पर डायल-112 को अपराध और आपातकालीन घटनाओं से जोड़ा जाता है, वहीं इस बार डायल-112 एक परिवार के लिए खुशियों की सौगात बन गई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही प्रसूता ने डायल-112 वाहन में स्वस्थ बालक को जन्म दिया और देखते ही देखते वाहन में नवजात की पहली किलकारी गूंज उठी।
जानकारी के अनुसार ग्राम गांगपुर निवासी मानसिंह ने प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला के लिए डायल-112 पर मदद की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही फाल्कन-2 टीम तत्काल मौके पर पहुंची और प्रसूता सरस्वती मरपच्ची को परिजनों और मितानिन के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरेला के लिए रवाना किया गया।
लेकिन रास्ते में ग्राम गिरवर के पास स्थिति अचानक बदल गई। महिला की प्रसव पीड़ा तेजी से बढ़ गई और तत्काल प्रसव की नौबत आ गई। ऐसे में डायल-112 टीम ने बिना समय गंवाए वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोका। महिला की गरिमा और गोपनीयता का पूरा ध्यान रखते हुए वाहन में पर्दे की व्यवस्था की गई और परिजनों तथा मितानिन के सहयोग से सुरक्षित प्रसव कराया गया।
कुछ ही देर में खुशियों का वह पल आया, जब महिला ने एक स्वस्थ बालक को जन्म दिया। नवजात की किलकारी सुनते ही पूरे माहौल में राहत और खुशी की लहर दौड़ गई। इसके बाद डायल-112 टीम ने जच्चा और बच्चा दोनों को सुरक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को स्वस्थ बताया। यह घटना केवल एक सुरक्षित प्रसव की कहानी नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि आपातकालीन सेवाएं सिर्फ संकट में मदद नहीं करतीं, बल्कि कई बार नई जिंदगी की शुरुआत की गवाह भी बनती हैं।