रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की भर्तियों में हुई गड़बड़ियों की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हाथ बड़े सुराग लगे है। पूर्व अध्यक्ष और सेवानिवृत्त आईएएस टामन सिंह सोनवानी को ईडी ने न्यायालय से मंजूरी मिलने के बाद अपनी हिरासत में ले लिया है। इस पूरे प्रकरण में जो नया एंगल सामने आया है, वह उनके द्वारा पद का दुरुपयोग कर अपने ही परिवार के सदस्यों को ऊंचे पदों पर बैठाने और बड़े पैमाने पर संपत्तियां जुटाने से संबंधित है।

दस्तावेजों और सीबीआई की प्रारंभिक जांच से यह बात सामने आई है कि टामन सिंह ने अपने रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी जैसे पदों पर नियुक्त करवाया। उनके घर से ही भतीजा नीतेश सोनवानी और उसकी पत्नी निशा कोसले डिप्टी कलेक्टर बने। इसी तरह दूसरे भतीजे साहिल सोनवानी को डीएसपी, भाई की बहू दीपा आडिल को जिला आबकारी अधिकारी और बहन की बेटी सुनीता को श्रम अधिकारी के पद पर चयन मिला। अन्य करीबियों और परिचितों के बच्चों को भी नौकरियां दी गईं।

इन नियुक्तियों के एवज में हुए लेन-देन का मनी ट्रेल अब जांच एजेंसियों के हाथ लगा है। जानकारी के अनुसार, टामन सिंह की पत्नी डॉ. पद्मिनी सिंह सोनवानी के एनजीओ 'ग्रामीण विकास समिति, सरबदा' के खाते में 45 लाख रुपए जमा किए गए थे। यह रकम श्री बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के अकाउंट से ट्रांसफर हुई थी। इस कंपनी में श्रवण कुमार गोयल की भूमिका थी, जिनके बेटे और बहू का भी डिप्टी कलेक्टर के रूप में चयन हुआ था। सीबीआई इन दोनों को पहले ही पकड़ चुकी है। अब ईडी इसी वित्तीय लेन-देन और हवाला के माध्यम से हुए धन के प्रवाह की पड़ताल कर रही है। आरोप हैं कि भर्तियों का पैसा हवाला के जरिए ही उन तक पहुंचा।

जांच में यह भी पाया गया है कि पूर्व चेयरमैन ने अपनी आय से कहीं अधिक संपत्तियां बनाई हैं। राज्य के दूरदराज के इलाकों में उनके और उनके परिवार के नाम पर बड़े भूखंड खरीदे गए हैं। टामन सिंह के अपने नाम पर धमतरी, कुरुद, और रायपुर के अभनपुर में लगभग 10 हेक्टेयर जमीन के दस्तावेज मिले हैं। इसके अतिरिक्त मैनपाट में एक बड़ा फार्महाउस, पैतृक गांव सरबदा में खेत और रायपुर में एक कीमती मकान भी उनकी संपत्तियों में शामिल है। उन्होंने कई जगहों पर निवेश दूसरों के नाम पर किया है।

उनके परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर भी काफी जमीनें खरीदी गई हैं। पत्नी डॉ. पद्मिनी के नाम पर बोरियाकला और सरबदा में दो हेक्टेयर से ज्यादा जमीन है, जिसका नामांतरण जुलाई 2021 से फरवरी 2022 के बीच हुआ। बेटी कृति के नाम पर धमतरी और धरसींवा में करीब तीन हेक्टेयर जमीन मौजूद है। वहीं, बेटे अभिषेक सोनवानी के नाम पर मैनपाट और सरबदा में ढाई हेक्टेयर से ज्यादा जमीन और मैनपाट के उरंगा में एक रिसॉर्ट होने की जानकारी भी सामने आई है।

इस पूरे मामले में सीबीआई इसी साल जनवरी में 29 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगा चुकी है। टामन सिंह के साथ-साथ पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, उप नियंत्रक ललित गणवीर और सेवानिवृत्त आईएएस जीवन किशोर ध्रुव पहले से ही जेल में हैं। कुल एक दर्जन गिरफ्तारियां हुई हैं। हालांकि चयनित उम्मीदवारों को अदालत से जमानत मिल गई है और विवादित अधिकारियों ने अपनी ज्वाइनिंग भी ले ली है। इसके बावजूद जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी है और दस्तावेजों की सघन जांच हो रही है।