बिलासपुर : जिन कंधों पर हजारों यात्रियों को सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी है, उन्हीं लोको पायलटों और रनिंग स्टाफ का आंदोलन अब घर की चौखट से निकलकर सड़क तक पहुंच गया है। बिलासपुर जोन में अपनी मांगों को लेकर पिछले नौ दिनों से धरना दे रहे कर्मचारियों के समर्थन में बुधवार को उनके परिवार के सदस्य भी प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान कर्मचारियों ने रेलवे के सीनियर डी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उन्हें हटाने की मांग की।

स्टाफ की कमी और लंबी ड्यूटी से बढ़ा दबाव, परिवार उतरा सड़क पर

रनिंग स्टाफ का कहना है कि कर्मचारियों की कमी के कारण उन्हें लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ रही है। उनका आरोप है कि पर्याप्त आराम नहीं मिलने और लगातार बढ़ते कार्य दबाव से कर्मचारियों की परेशानी बढ़ रही है। कर्मचारियों ने कहा कि ट्रेन संचालन जैसे संवेदनशील काम में निर्धारित विश्राम और सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी है। आंदोलन के नौवें दिन कर्मचारियों के परिवारों के सड़क पर उतरने से प्रदर्शन का स्वरूप ही बदल गया। परिवार के सदस्यों ने कहा कि लोको पायलटों की ड्यूटी सीधे हजारों यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी है। ऐसे में कर्मचारियों को पर्याप्त आराम, सुरक्षित कार्य परिस्थितियां और निर्धारित ड्यूटी व्यवस्था मिलना जरूरी है।

सीनियर डी पर गंभीर आरोप, हटाने की मांग

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सीनियर डी के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने उन पर भ्रष्टाचार, प्रताड़ना और कामकाज में अनियमितताओं समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि इन्हीं शिकायतों के चलते वे सीनियर डी को तत्काल हटाने की मांग कर रहे हैं।

मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

रनिंग स्टाफ ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर समाधान नहीं निकलता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।