रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में इन दिनों एक चिट्ठी ने तापमान हिटवेव जैसा कर दिया है। मामला सीधे तौर पर जल संसाधन (सिंचाई) विभाग में चल रहे कथित भारी भ्रष्टाचार और उगाही का है। आरोप इतने गंभीर हैं कि  शिकायत सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), गृह मंत्री अमित शाह, सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) तक पहुंच गई है। मंत्रालय में इस बात की चर्चा सरेआम हो रही है कि यदि इस शिकायत पर बारीकी से की गई तो कई बड़े चेहरो का राजफाश हो जाएगा। 

क्या है पूरी कहानी.....

पीएमओ तक पहुंची शिकायत में सिंचाई विभाग के एक बड़े  सिंडिकेट के खेल का राज खोला गया है। निशाने पर विभाग के दो आला अफसर हैं— प्रभारी प्रमुख अभियंता शंकर ठाकुर और महानदी मंडल, रायपुर के अधीक्षण अभियंता संतोष साहू।

दामाद के रसूख की धौंस ....

इस मामले में सबसे बड़ी बात मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से जुड़ी हुई है। शिकायत में साफ  है कि अधीक्षण अभियंता संतोष साहू के दामाद सूरज साहू सीएमओ में ओएसडी (विशेष कर्तव्य अधिकारी) के पद पर तैनात हैं। आरोप है कि इसी पद और रसूख की धौंस दिखाकर ठेकेदारों और छोटे अधिकारियों से मोटी रकम वसूली जा रही है।

कैसे काम करता है यह वसूली सिंडिकेट?

काम करने का तरीका बिल्कुल फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा बताया जा रहा है। जब भी कोई कार्यपालन अभियंता या ठेकेदार किसी फाइल या भुगतान के लिए प्रभारी प्रमुख अभियंता शंकर ठाकुर के पास जाता है, तो उसे चुपचाप संतोष साहू के पास भेज दिया जाता है।
असली खेल सिविल लाइन स्थित डेटा सेंटर के बगल वाले दफ्तर में होता है। इसे इस सिंडिकेट का 'वसूली अड्डा' बताया गया है। आरोप है कि यहां मुख्यमंत्री और सचिव का नाम लेकर लोगों को डराया-धमकाया जाता है और पैसों की डिमांड की जाती है।

वायरल हो रहा करप्शन का रेट कार्ड

शिकायतकर्ता ने पीएमओ को भेजे पत्र में इस वसूली का पूरा रेट कार्ड खोल कर रख दिया है। आइए देखते हैं इस सिंडिकेट के कथित रेट:

  •  टेंडर पास कराने पर: लगभग 3% कमीशन की मांग।
     
  • ठेकेदारों के बिल/चेक क्लियरेंस पर: 1.5% की वसूली।
     
  • सालाना मरम्मत (मेंटेनेंस) कार्यों में: सीधा 15% का मोटा कट।
     
  • सर्वे के कामों में: यहां भी 15% का फिक्स रेट।
  •  मंथली कमीशन : सचिव के नाम पर हर महीने कार्यपालन अभियंताओं से 2 लाख रुपये तक की अवैध वसूली।

 

इन दिग्गजों तक पहुंची है शिकायत

ये सामान्य शिकायत नहीं है। इसकी प्रतिलिपि राज्य के मुख्यमंत्री सहित दोनों उपमुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और एसीबी (ACB) चीफ को भेजी गई है, लेकिन असली हड़कंप दिल्ली भेजी गई शिकायत के बाद मचा है। पीएमओ के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा, कैबिनेट सचिव, सीबीआई डायरेक्टर, ईडी के बड़े अफसरों और गृह मंत्री अमित शाह तक को मामले की पूरी फाइल भेज दी गई है।