तखतपुर। बिलासपुर-तखतपुर मुख्य मार्ग पर लाखासर मोड़ के पास डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को लेकर विवाद सामने आया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, किसी अज्ञात व्यक्ति ने प्रतिमा पर गोबर फेंक दिया। घटना की जानकारी फैलते ही बहुजन समाज के लोग और विभिन्न संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और प्रतिमा स्थल पर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को डॉ. अंबेडकर के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए दोषी व्यक्ति की पहचान कर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।

घटना की जानकारी मिलते ही जुटे लोग
बताया जा रहा है कि लाखासर मोड़ के पास स्थित अंबेडकर प्रतिमा पर गोबर फेंके जाने की जानकारी स्थानीय लोगों को मिली। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रतिमा के चेहरे समेत अन्य हिस्सों पर गोबर लगा हुआ था। घटना से नाराज लोगों ने मौके पर ही विरोध शुरू कर दिया और पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच करने की मांग की।

आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी की मांग
बहुजन समाज के कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मांग की है कि घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर आरोपी तक पहुंचा जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ऐसी घटना से सामाजिक भावनाएं आहत हुई हैं, इसलिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल घटना को अंजाम देने वाले व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं हुई है और पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।ambdekar-1024x576.jpg

पांच दिन का दिया गया अल्टीमेटम
बहुजन समाज पार्टी तखतपुर के महासचिव अखिलेश कोशले ने प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के सामने अपनी मांग रखी। उन्होंने कहा कि प्रतिमा के साथ हुई इस घटना को लेकर समाज में काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि पुलिस को पांच दिनों के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन और समाज के लोग आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय ले सकते हैं।

गिरफ्तारी नहीं हुई तो चक्काजाम की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने की स्थिति में बिलासपुर-तखतपुर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया जा सकता है। हालांकि, फिलहाल, प्रतिमा स्थल पर धरना और विरोध प्रदर्शन जारी है। पुलिस प्रशासन मामले की जांच में जुटा है और आरोपी की पहचान के लिए उपलब्ध साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती स्थिति को शांत बनाए रखने के साथ-साथ घटना की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक आरोपी तक पहुंचना है।