रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में प्राचार्यों की कमी दूर करने की प्रशासनिक प्रक्रिया धीमी गति से आगे बढ़ रही है। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले टी-संवर्ग (ट्राइबल) के स्कूलों में वर्तमान में प्राचार्यों के कुल 766 पद खाली हैं। इतनी बड़ी संख्या में रिक्तियों के बावजूद, विभाग ने पदोन्नति के माध्यम से इन पदों को भरने के लिए मात्र 12 व्याख्याताओं की सूची जारी की है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) की ओर से पदोन्नति सह-पदस्थापना के लिए 17 अगस्त 2026 को काउंसलिंग की तिथि निर्धारित की गई है।

प्रशासनिक स्तर पर विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक पिछले वर्ष 7 मार्च 2025 को आयोजित की गई थी। उस बैठक के दौरान कुल 14 लोक सेवकों के प्रकरणों पर विचार किया गया था। लंबी प्रक्रिया के बाद अब जाकर उन 14 में से 11 व्याख्याताओं को काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होने के लिए नया रायपुर स्थित इन्द्रावती भवन बुलाया गया है। इसके अतिरिक्त, एक अन्य व्याख्याता रितेश कुमार वैद्य को उनकी वर्तमान पदस्थापना वाली संस्था में ही प्राचार्य के पद पर पदोन्नत करने का प्रशासनिक निर्णय लिया गया है।

सेवानिवृत्ति नियम के कारण दो शिक्षक प्रक्रिया से बाहर

पदोन्नति के लिए जारी की गई इस सीमित सूची में भी सरकारी नियमों के तहत कटौती की गई है। विचार क्षेत्र में आए 14 नामों में से दो व्याख्याताओं, कृष्णचंद यादव और राजेश कुमार सिंह को काउंसलिंग प्रक्रिया से अलग रखा गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार, इन दोनों शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की तारीख 31 दिसंबर 2026 निर्धारित है। सरकारी प्रावधानों के मुताबिक, जिन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति में एक वर्ष से कम का समय बचा होता है, उन्हें पदोन्नति प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनाया जाता। इसी नियम के परिपालन में इन दोनों को सूची में शामिल नहीं किया गया है।

आपत्ति दर्ज करने का आज आखिरी मौका

डीपीआई द्वारा जारी की गई काउंसलिंग सूची और रिक्त पदों के विवरण पर दावा आपत्ति मंगाए गए हैं। आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 13 अगस्त की शाम 4 बजे तक की समय सीमा तय की गई है। यह अवधि समाप्त होने के बाद 17 अगस्त को इन्द्रावती भवन में काउंसलिंग आयोजित होगी। संबंधित शिक्षक इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी शिक्षा विभाग के आधिकारिक पोर्टल eduportal.cg.nic.in पर जाकर प्राप्त कर सकते हैं।

कोंडागांव में सर्वाधिक पद खाली, रायपुर की स्थिति अन्य से बेहतर

 

प्रदेश भर के 21 जिलों में प्राचार्यों के पद खाली हैं। इसमें कोंडागांव जिले में सर्वाधिक 93 स्कूलों में प्राचार्य नहीं हैं। वहीं राजधानी रायपुर की स्थिति इस मामले में अन्य जिलों के मुकाबले बेहतर है। रिक्त पदों वाले अन्य जिलों के आंकड़ों पर गौर करें तो बलरामपुर में 80, उत्तर बस्तर (कांकेर) में 78 और बस्तर में 66 पद रिक्त हैं।

इसी क्रम में सूरजपुर में 59, बीजापुर में 55, गरियाबंद में 40, जशपुर में 39, दंतेवाड़ा में 37, सुकमा में 37, कोरबा में 29, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) में 27, नारायणपुर में 25, कोरिया में 23 और सरगुजा में 21 पद रिक्त हैं। इसके अलावा रायगढ़ और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) में 17-17, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 11, बालोद में 6, धमतरी में 5 और कबीरधाम जिले में 1 पद खाली है। विभागीय जानकारी के अनुसार, इन रिक्तियों में डाइट संस्थानों के खाली पद भी शामिल किए गए हैं।