रायगढ़। रायगढ़ जिले के चर्चित तमनार हिंसा कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब छह महीने से फरार चल रहे मुख्य आरोपी 39 वर्षीय राजेश मरकाम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, राजेश ने आंदोलनकारियों को भड़काने, पुलिस पर हमला कराने, सरकारी संपत्ति में आगजनी और तोड़फोड़ कराने में अहम भूमिका निभाई थी। गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।मुखबिर से सूचना में मिलने के बाद फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया - Dainik Bhaskar

ऐसे हुई गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, राजेश मरकाम घटना के बाद से फरार था। गुरुवार को सूचना मिली कि वह ग्राम बरपाली में मौजूद है। इसके बाद तमनार और पूंजीपथरा पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने हिंसक घटनाओं में अपनी भूमिका स्वीकार की है।प्रदर्शनकारियों ने तीन वाहनों में आग लगा दी।

क्या था पूरा मामला?
यह घटना 27 दिसंबर 2025 की है। जेपीएल कोयला खदान की जनसुनवाई के विरोध में लिबरा चौक पर बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रदर्शन कर रहे थे। प्रशासन के समझाने के बावजूद भीड़ उग्र हो गई और पुलिस बैरिकेड तोड़कर हमला कर दिया। हिंसा के दौरान तमनार थाना प्रभारी कमला पुषाम से मारपीट की गई, महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ दिए गए और कई पुलिसकर्मी घायल हुए। उग्र भीड़ ने पुलिस वाहन, एंबुलेंस और जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट में आगजनी व तोड़फोड़ भी की।महिला थाना प्रभारी जख्मी हो गईं, जिसे पानी पिलाया।

अब तक 22 आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद तमनार थाने में 16 एफआईआर दर्ज की गई थीं। इस मामले में अब तक 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।भीड़ ने तीन वाहनों में आग लगा दी थी।

पुलिस का दावा
रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि जांच में राजेश मरकाम की भूमिका भीड़ को भड़काने और हिंसा फैलाने में सामने आई है।पुलिस ने आरोपी कोर्ट में पेश कर जेल दाखिल कर दिया है। 

आरोपी पर सरकारी अधिकारियों पर हमला कराने, वॉकी-टॉकी और मोबाइल लूटने, आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल होने के आरोप हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई जारी है।