
भोपाल। मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में जांच अब एक अहम कानूनी पड़ाव पर पहुंच गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भोपाल की अदालत में करीब 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह, जो पूर्व न्यायिक अधिकारी रही हैं, को आरोपी बनाया गया है। दोनों पर दहेज से जुड़े आरोपों के साथ घरेलू प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
जांच के बाद अदालत तक पहुंचा मामला
ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 को भोपाल स्थित ससुराल में मौत हुई थी। शुरुआती जांच को लेकर ट्विशा के परिवार ने सवाल उठाए थे और मामले की जांच CBI से कराने की मांग की थी। इसके बाद जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपी गई। CBI ने जांच के दौरान आरोपियों से पूछताछ के अलावा डिजिटल साक्ष्यों, बातचीत के रिकॉर्ड और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल की। जांच के दौरान एजेंसी ने घटनास्थल का री-क्रिएशन भी कराया था, जिसमें दोनों आरोपियों से घटना के समय की परिस्थितियों को दोबारा समझने की कोशिश की गई।
चार्जशीट में क्या आरोप लगाए गए?
CBI की ओर से दाखिल चार्जशीट में दहेज मृत्यु, वैवाहिक क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े आरोप शामिल हैं। इसके साथ ही दहेज प्रतिषेध कानून की संबंधित धाराओं के तहत भी आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी की कार्रवाई का आधार सिर्फ एक पहलू नहीं रहा। मामले में कथित दहेज मांग, घरेलू माहौल, बातचीत और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों समेत कई बिंदुओं की जांच की गई है।
दोनों आरोपी पहले से न्यायिक हिरासत में
समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं और दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। जुलाई में भोपाल की अदालत ने CBI की मांग पर दोनों की न्यायिक हिरासत आगे बढ़ाई थी। उस समय जांच एजेंसी ने अदालत को बताया था कि जांच अंतिम चरण में है और रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत है।
अब अदालत में होगी साक्ष्यों की कसौटी
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले की अगली दिशा अदालत में तय होगी। CBI द्वारा पेश किए गए दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य सामग्री की न्यायिक प्रक्रिया के तहत जांच होगी। अदालत यह देखेगी कि अभियोजन की ओर से पेश किए गए साक्ष्य आरोपों को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त हैं या नहीं। वहीं बचाव पक्ष को भी चार्जशीट में दर्ज आरोपों और साक्ष्यों पर अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा।
परिवार के आरोपों से लेकर CBI जांच तक पहुंचा मामला
ट्विशा की मौत के बाद उनके परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज को लेकर प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। CBI की FIR में भी दहेज मांग और कथित प्रताड़ना से जुड़े आरोप दर्ज किए गए थे। एजेंसी ने बाद में मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। अब 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल होने के साथ जांच एजेंसी ने अदालत के सामने अपने निष्कर्ष और जुटाए गए साक्ष्यों का विस्तृत रिकॉर्ड रखा है।
आगे क्या होगा?
चार्जशीट दाखिल होना मामले का अंतिम फैसला नहीं है। अब अदालत में आरोपों और साक्ष्यों पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया चलेगी। CBI ने जो आरोप लगाए हैं, उनका अंतिम निर्धारण अदालत की सुनवाई के बाद ही होगा। ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब सबकी नजर इस बात पर है कि अदालत चार्जशीट में पेश सामग्री को किस तरह देखती है और आगे की सुनवाई किस दिशा में बढ़ती है।