नई दिल्ली। Narendra Modi ने अपने बहु-देशीय विदेश दौरे की शुरुआत United Arab Emirates से की, जहां अबू धाबी पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और यूएई के राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों, ऊर्जा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने यूएई में हाल ही में हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भारत हर कठिन परिस्थिति में यूएई के साथ मजबूती से खड़ा है।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार की स्थिरता के लिए इसका जल्द सामान्य होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत और यूएई की साझेदारी सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि रणनीतिक और वैश्विक स्थिरता से भी जुड़ी हुई है। विदेश मंत्रालय के अनुसार इस दौरे में दोनों देशों के बीच एलपीजी आपूर्ति और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण से जुड़े महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है, जो ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देंगे।

गौरतलब है कि यूएई दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी Netherlands, Sweden, Norway और Italy का भी दौरा करेंगे। इस पांच देशों की यात्रा का मुख्य उद्देश्य व्यापार, निवेश, तकनीक और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच यह दौरा भारत की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और आर्थिक सहयोग को नई मजबूती देने वाला साबित हो सकता है।