
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ भारतीय एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिलने का दावा किया गया है। 6,000 करोड़ रुपये के चर्चित पुणे ड्रग्स मामले में वांछित बताए जा रहे वीरेंद्र सिंह बैसोया को UAE से भारत वापस लाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, दुबई में गिरफ्तारी के बाद उसे आज भारत लाया गया और अब संबंधित एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं। बैसोया को इस मामले में कथित ड्रग सिंडिकेट के मुख्य आरोपी संदीप धुनिया का करीबी सहयोगी बताया जाता है। उसके खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की ओर से रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
दुबई से गिरफ्तारी, अब भारतीय एजेंसियों की पूछताछ
जांच एजेंसियों के मुताबिक, लंबे समय से वांछित बैसोया UAE में रह रहा था। कार्रवाई के बाद उसे भारत लाया गया। अधिकारियों के अनुसार, वह एयर इंडिया की उड़ान से स्वदेश पहुंचा। अब जांच एजेंसियां उससे कथित ड्रग नेटवर्क, विदेशी कनेक्शन, आर्थिक लेनदेन और दूसरे आरोपियों से उसके संबंधों को लेकर पूछताछ कर सकती हैं। पुणे ड्रग्स मामले को बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है। एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित सिंडिकेट का संचालन किन देशों से किया जा रहा था और भारत में इसकी सप्लाई चेन किस तरह काम करती थी।
अमित शाह ने कहा- ‘विदेश में छिपकर भी नहीं बच पाएंगे’
बैसोया की भारत वापसी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार की ड्रग्स के खिलाफ नीति को दोहराते हुए इसे बड़ी कार्रवाई बताया। शाह ने कहा कि केंद्र सरकार नशीले पदार्थों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। उनका संदेश साफ था कि ड्रग्स तस्करी में शामिल आरोपी अगर देश छोड़कर विदेश में भी छिपते हैं, तो भारतीय एजेंसियां उनका पीछा जारी रखेंगी। उन्होंने एजेंसियों की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि ड्रग्स तस्करों के खिलाफ अभियान केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क को खत्म करने पर जोर दिया जा रहा है।
संदीप धुनिया से कनेक्शन की भी जांच
बैसोया को कथित तौर पर पुणे ड्रग्स मामले के मुख्य आरोपी संदीप धुनिया का करीबी बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां दोनों के बीच संपर्क और कथित नेटवर्क में उनकी भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। संदीप धुनिया के विदेश भागने की जानकारी भी सामने आई थी। ऐसे में बैसोया की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।
UAE से वांछित आरोपियों की वापसी का सिलसिला
यह पहली बार नहीं है जब UAE से किसी वांछित आरोपी को भारत लाया गया हो। इससे पहले विशाखा राठौड़ को भी UAE से भारत डिपोर्ट किया गया था। वह कथित तौर पर 88 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़े मामले में वांछित थी। CBI के अनुसार, विशाखा पर निवेशकों को आकर्षक और निश्चित रिटर्न का लालच देकर कथित तौर पर रकम जुटाने और आपराधिक साजिश में शामिल होने के आरोप हैं। इंटरपोल के रेड नोटिस के बाद उसकी गिरफ्तारी और भारत वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ी थी।
अब आगे क्या?
बैसोया की भारत वापसी के बाद जांच का अगला फोकस कथित ड्रग नेटवर्क की फंडिंग, सप्लाई चेन, विदेशी संपर्क और भारत में मौजूद सहयोगियों पर हो सकता है। अगर पूछताछ में नए नाम और वित्तीय कड़ियां सामने आती हैं, तो इस मामले में और गिरफ्तारियां भी संभव हैं। फिलहाल, एजेंसियां बैसोया से पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं।