रायपुर: रायपुर में भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा से ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। खुद को भाजपा के वरिष्ठ नेता का निजी सहायक बताकर पैसे ऐंठने वाले शातिर आरोपी को रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने ओडिशा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया जा रहा है, जहां उससे पूछताछ के बाद कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस आज पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा करेगी।

जानकारी के मुताबिक आरोपी ने विधायक पुरंदर मिश्रा को फोन कर खुद को भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व से जुड़ा व्यक्ति बताया और दावा किया कि वह भुवनेश्वर यात्रा के दौरान मुश्किल में फंस गया है। उसने डीजल और अन्य जरूरी खर्चों के नाम पर तत्काल पैसों की मांग की। विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर कई बड़े भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें भी लगा रखी थीं। इसी झांसे में आकर विधायक की ओर से जगन्नाथ मंदिर के सेवक नारायण मिश्रा के माध्यम से आरोपी के खाते में 10 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए।

हालांकि कुछ समय बाद आरोपी द्वारा दोबारा पैसों की मांग किए जाने पर विधायक को संदेह हुआ। सत्यापन के लिए उन्होंने संबंधित नेता के कार्यालय से संपर्क किया, जहां पता चला कि उस नाम का कोई व्यक्ति वहां कार्यरत ही नहीं है। इसके बाद खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट और डिजिटल ट्रांजैक्शन की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और ओडिशा में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी किसी संगठित साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा है या नहीं और उसने अब तक कितने लोगों को इसी तरीके से निशाना बनाया है। इस घटना के बाद विधायक पुरंदर मिश्रा ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या सोशल मीडिया प्रोफाइल पर तुरंत भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि किसी भी आर्थिक लेनदेन से पहले संबंधित व्यक्ति की पहचान और जानकारी की पुष्टि करना बेहद जरूरी है।