
रायपुर। छत्तीसगढ़ बीजेपी में स्मृति ईरानी को नई जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उनकी नियुक्ति पर तंज कसते हुए इसे ‘वनवास खत्म होने’ से जोड़ दिया। बघेल ने स्मृति ईरानी को ‘घायल शेरनी’ बताते हुए सवालिया अंदाज में कहा कि छत्तीसगढ़ आने के बाद अब वह किसे हटाती हैं, यह देखना होगा ?
बघेल का यह बयान सिर्फ बीजेपी के नए संगठनात्मक फैसले तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने गैस सिलेंडर की कीमत, किसानों की स्थिति, असम में कांग्रेस के काफिले पर कथित पथराव और परीक्षा के पेपर व्हाट्सऐप पर वायरल होने जैसे मुद्दों पर भी सरकार और बीजेपी को घेरा। उनके बयानों से प्रदेश में सियासी बहस के कई मुद्दे एक साथ सामने आ गए हैं।
बीजेपी ने 23 सितंबर 2026 को स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। उनके साथ सिद्धार्थ शंभू को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। इस संगठनात्मक बदलाव के बाद भूपेश बघेल ने ईरानी के राजनीतिक सफर और नई जिम्मेदारी को लेकर कटाक्ष किया। बघेल ने कहा, “स्मृति ईरानी का वनवास खत्म हुआ है। चोट खाई हुई स्मृति ईरानी हैं, घायल शेरनी हैं। यहां आने के बाद किसको हटाती हैं, यह देखना होगा।” उनके इस बयान को बीजेपी के संगठनात्मक बदलाव पर राजनीतिक तंज के तौर पर देखा जा रहा है।
सिलेंडर की कीमत और ‘मोदी गारंटी’ पर भी घेरा
स्मृति ईरानी की नियुक्ति पर टिप्पणी के साथ ही भूपेश बघेल ने गैस सिलेंडर की कीमतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने ईरानी के पुराने चुनावी विरोध-प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि वह सिलेंडर लेकर बैठी थीं और मोदी गारंटी के तहत 500 रुपये में सिलेंडर देने की बात कही गई थी। बघेल ने इस बयान के जरिए बीजेपी की चुनावी गारंटियों और महंगाई से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ में पार्टी संगठन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
किसानों की आत्महत्या पर सरकार को घेरा, धान खरीदी पर उठाए सवाल
कोरबा में किसानों की आत्महत्या के मामलों को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। बघेल ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में किसान आत्महत्या जैसी स्थिति से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों का धान नहीं खरीदना चाहती और इसके लिए कई तरह के षड्यंत्र किए जा रहे हैं। बघेल ने किसानों की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारणों की जांच की जरूरत भी बताई। उनके आरोपों पर सरकार का पक्ष सामने आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
असम में काफिले पर पथराव का आरोप, बघेल बोले- कांग्रेस को डराने की कोशिश
असम दौरे से लौटे भूपेश बघेल ने अपने काफिले पर हुए कथित हमले को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि सांसद रकीबुल हुसैन ने घटना से पहले ही पुलिस अधीक्षक को इसकी जानकारी दी थी। बघेल के मुताबिक, एसपी और अतिरिक्त एसपी ने सुरक्षा को लेकर आश्वस्त किया था।
बघेल ने दावा किया कि काफिले के दौरान काले और बीजेपी के झंडे लिए कुछ लोग मौजूद थे और वाहनों पर ग्लास बम, एसिड तथा पत्थर फेंके गए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी कांग्रेस को डराने की कोशिश कर रही है, लेकिन ऐसी घटनाओं से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं होगा। ये आरोप बघेल के बयान पर आधारित हैं; घटना और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
परीक्षा के पेपर व्हाट्सऐप पर वायरल होने पर शिक्षा विभाग पर निशाना
स्कूली परीक्षा के प्रश्नपत्र व्हाट्सऐप पर वायरल होने के मामले में भी बघेल ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कोई कंट्रोल ही नहीं है। शिक्षा विभाग के लोग दिया जला रहे हैं। सब दिया जलाने में व्यस्त हैं तो परीक्षा पेपर तो व्हाट्सऐप में आना ही आना है।” बघेल की इस टिप्पणी के साथ परीक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता का मुद्दा भी राजनीतिक बहस में शामिल हो गया है।
एक बयान, कई सियासी मुद्दे
स्मृति ईरानी की नियुक्ति पर कटाक्ष से शुरू हुई भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया में महंगाई, किसान, असम में कथित काफिले पर हमला और परीक्षा पेपर लीक जैसे मुद्दे शामिल रहे। अब बीजेपी की ओर से इन आरोपों और टिप्पणियों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर नजर रहेगी।