भोपाल: भोपाल में एटीएस की कार्रवाई के बाद कथित आतंकी मॉड्यूल को लेकर सामने आ रही जानकारियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस रिमांड पर चल रहे संदिग्धों से पूछताछ में ऐसे दावे सामने आए हैं, जिनसे देश विरोधी गतिविधियों के एक बड़े नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे मॉड्यूल की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।

पूछताछ के दौरान एक संदिग्ध ने कथित तौर पर बताया कि वह और उसके संपर्क में रहने वाले कुछ अन्य लोग लंबे समय से एक विशेष एजेंडे पर काम कर रहे थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस नेटवर्क का मकसद युवाओं को प्रभावित कर उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा की ओर धकेलना और भविष्य के लिए संगठित ढांचा तैयार करना था। हालांकि इन दावों की पुष्टि अभी जांच के अंतिम निष्कर्षों के बाद ही हो सकेगी।

एटीएस को यह भी जानकारी मिली है कि संदिग्ध कथित तौर पर विदेशी हैंडलर्स और सोशल मीडिया आधारित नेटवर्क के संपर्क में थे। जांच में सामने आया है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को जोड़ने, प्रभावित करने और गोपनीय तरीके से संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा था। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था और किन-किन राज्यों तक इसकी पहुंच थी।

जांच के दौरान कुछ ऐसे इनपुट भी मिले हैं, जिनमें कथित तौर पर युवाओं को देश विरोधी गतिविधियों के लिए तैयार करने, कट्टर विचारधारा का प्रचार करने और समय आने पर सक्रिय भूमिका निभाने की बातें सामने आई हैं। यही वजह है कि एजेंसियां इस मामले को बेहद गंभीरता से लेकर हर डिजिटल और मानवीय कड़ी की जांच कर रही हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए इस तरह के नेटवर्क युवाओं तक पहुंच बना रहे हैं, तो उनकी पहचान और रोकथाम के लिए मौजूदा तंत्र कितना प्रभावी है। सुरक्षा विशेषज्ञ भी मानते हैं कि डिजिटल कट्टरपंथ आज राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, जिसका मुकाबला केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता है।

फिलहाल, एटीएस की जांच जारी है और कई महत्वपूर्ण सुरागों की पड़ताल की जा रही है। एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि कथित नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल थे, उन्हें किस स्तर पर निर्देश मिल रहे थे और उनकी गतिविधियां कितनी आगे बढ़ चुकी थीं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।