
बेमेतरा। बिजली बिल का लंबे समय से भुगतान नहीं करना साजा नगर पंचायत पर भारी पड़ गया है। बकाया राशि लगातार बढ़ने के बाद विद्युत विभाग ने नगर पंचायत के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए 41 बिजली कनेक्शन काट दिए हैं। इनमें नगर पंचायत कार्यालय से जुड़े कनेक्शनों के साथ वाटर वर्क्स के कनेक्शन भी शामिल हैं।
नगर पंचायत पर बिजली बिल के रूप में करीब 1.47 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी बताई जा रही है। वाटर वर्क्स की बिजली सप्लाई बाधित होने से अब सबसे बड़ी चिंता शहर की पेयजल व्यवस्था को लेकर है। यदि कनेक्शन जल्द बहाल नहीं हुए तो नल-जल व्यवस्था पर इसका असर पड़ सकता है।
बकाया बढ़ता गया, आखिरकार विभाग ने उठाया कदम
विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, साजा नगर पंचायत की ओर से लंबे समय से बिजली बिलों का नियमित भुगतान नहीं किया जा रहा था। समय पर राशि जमा नहीं होने के कारण बकाया लगातार बढ़ता गया। विभाग की ओर से भुगतान को लेकर कार्रवाई के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर अब कनेक्शन काटने का फैसला लिया गया। इसी कार्रवाई के तहत नगर पंचायत और वाटर वर्क्स से संबंधित कुल 41 कनेक्शन बंद किए गए हैं।
वाटर वर्क्स बंद हुआ तो पेयजल पर पड़ेगा असर
कनेक्शन कटने के बाद सबसे बड़ा सवाल नगर की जलापूर्ति को लेकर है। वाटर वर्क्स बिजली से संचालित होता है और यहां बिजली आपूर्ति बाधित होने पर पानी की पंपिंग और सप्लाई प्रभावित हो सकती है। ऐसे में अगर नगर पंचायत की ओर से जल्द बकाया राशि जमा कर कनेक्शन बहाल नहीं कराए जाते हैं, तो इसका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरत पर पड़ सकता है।
बिजली विभाग ने बकाया भुगतान को बताया कार्रवाई की वजह
विद्युत वितरण कंपनी के ईई मनीष शुक्ला ने 41 कनेक्शन काटे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत साजा पर बिजली बिल की बड़ी राशि लंबे समय से लंबित है। भुगतान नहीं होने के कारण विभाग को यह कदम उठाना पड़ा। विभाग का कहना है कि बकाया राशि जमा होने के बाद आगे की प्रक्रिया के तहत कनेक्शन बहाली की कार्रवाई की जा सकती है।
नगर पंचायत की वित्तीय व्यवस्था पर उठे सवाल
बिजली कनेक्शन काटे जाने की कार्रवाई ने नगर पंचायत की वित्तीय स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। 1.47 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया होना स्थानीय निकाय की भुगतान व्यवस्था पर चर्चा का विषय बन गया है। वहीं, अगर बिजली कटौती का असर वाटर वर्क्स पर पड़ता है, तो इसका सीधा असर शहर के लोगों पर पड़ेगा। अब नजर इस बात पर है कि नगर पंचायत बकाया राशि की व्यवस्था कैसे करती है और बंद किए गए कनेक्शनों को दोबारा चालू कराने के लिए क्या कदम उठाती है।