रायपुर। अपना खुद का आशियाना बनाने का सपना देखने वालों के लिए ये खबर किसी सबक से कम नहीं है। राजधानी में बिल्डरों की मनमानी और धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। वात्सल्य बिल्डर्स एंड डेवलपर्स ने एक महिला को प्लॉट देने के नाम पर ऐसा खेल किया कि पूरे 14 साल बीत गए। ग्राहक की खून-पसीने की कमाई बिल्डर की जेब में थी और महिला बैंक को ब्याज पर ब्याज भर रही थी।

अब इस मामले में रेरा (RERA) ने कार्रवाई की है और बिल्डर को 30 दिन के अंदर मूल रकम के साथ ब्याज देने का आदेश दिया है बता दें कि इन 14 सालों में ब्याज की रकम मूलधन से भी ज्यादा हो गई थी बिल्डर को कुल 33.70 लाख रुपए लौटाने का आदेश जारी हुआ है।

पाई-पाई चुकाई, फिर भी खाली हाथ

यह पूरा मामला सेजबहार इलाके का है। यहां की रहने वाली गुलाबवती पटेल ने साल 2012 में वात्सल्य बिल्डर्स की 'गौरव-2' स्कीम में एक प्लॉट बुक किया था। 2300 वर्गफीट के इस प्लॉट का सौदा 660 रुपए के रेट से कुल 15 लाख 18 हजार रुपए में पक्का हुआ था। एक आम मिडिल क्लास इंसान की तरह गुलाबवती ने भी एसबीआई (SBI) से भारी भरकम लोन लिया और ईएमआई (EMI) की चक्की में पिसते हुए 2015 तक बिल्डर को सारा पैसा चुका दिया।

नियम के मुताबिक 24 महीने में प्लॉट डेवलप करके देना था। लेकिन पूरा पैसा हड़पने के बाद बिल्डर ने आंखें फेर लीं। न जमीन दिखाई, न रजिस्ट्री की। महिला अपने ही प्लॉट के लिए बिल्डर के ऑफिस के चक्कर काटती रही और उसे हर बार एक नया बहाना बना कर चलता कर दिया। 

14 साल बाद बिल्डर की बेशर्मी

हद तो तब हो गई जब 14 साल तक लगातार बेवकूफ बनाने के बाद, इसी साल 20 मार्च 2026 को बिल्डर ने बेशर्मी से अपने हाथ खड़े कर दिए। उसने महिला से सीधे कह दिया कि जिस प्रोजेक्ट में उसे प्लॉट बेचा गया था, अब वह जमीन उसके पास है ही नहीं। इतने सालों तक धोखे में रखे जाने के बाद ठगी का शिकार महिला ने रेरा का दरवाजा खटखटाया। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि उसने बैंक को भारी ब्याज भरा है, इसलिए उसे 15% ब्याज के साथ उसका पूरा पैसा वापस चाहिए।

रेरा ने बिल्डर का दिया झटका, अपील खारिज 

मामला जब रेरा अध्यक्ष संजय शुक्ला के सामने पहुंचा, तो बिल्डर ने खुद को बचाने के लिए 6% ब्याज देने की बात कही । लेकिन रेरा ने बिल्डर की इस चालाकी को सिरे से खारिज कर दिया। रेरा ने बिल्डर की जमकर क्लास ली और कानून के हिसाब से 10.80% की दर से ब्याज तय किया।

यह रेरा में आए उन गिने-चुने मामलों में से है जहां बिल्डर को लगने वाली पेनाल्टी का ब्याज मूलधन को भी पार कर गया है। महिला का मूलधन 15.18 लाख रुपए था, जबकि अप्रैल 2015 से अगस्त 2026 (11 साल 5 महीने) तक का ब्याज ही 18.60 लाख रुपए बन गया। रेरा ने वात्सल्य बिल्डर्स को सख्त अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि 30 दिन के भीतर हर हाल में 33 लाख 70 हजार 256 रुपए महिला के खाते में  वापस आ जाने चाहिए।