
नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में बुधवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब कॉकपिट के अंदर कैप्टन और को-पायलट के बीच हिंसक झड़प हो गई। रिपोर्टों के मुताबिक, ओमानी नागरिक बताए जा रहे को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया। घटना के दौरान विमान तेजी से नीचे आया और करीब 14,000 फीट की ऊंचाई कुछ ही समय में कम हो गई। बाद में विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर आपातकालीन रूप से उतारा गया।
इस घटना में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हुए। हालांकि, उन्होंने कथित तौर पर कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और विमान में मौजूद अन्य पायलटों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। विमान में सवार यात्रियों की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया गया और विमान को सुरक्षित उतारा गया।
कॉकपिट में अचानक शुरू हुई हिंसक झड़प
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फ्लाइट सामान्य रूप से दुबई से तेल अवीव की ओर जा रही थी। इसी दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच संघर्ष शुरू हुआ। रिपोर्टों में कहा गया है कि को-पायलट ने कैप्टन मच्छार पर चाकू से हमला किया। घटना के बाद विमान ने आपात स्थिति से जुड़े संकेत प्रसारित किए। इसी दौरान विमान की ऊंचाई तेजी से गिरने लगी। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के विश्लेषण के मुताबिक, विमान करीब 14,000 फीट नीचे आया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।
घायल होने के बावजूद कैप्टन ने खोला कॉकपिट का दरवाजा
घटना के सबसे अहम हिस्सों में से एक कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका रही। रिपोर्टों के मुताबिक, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे यात्रियों और अन्य लोगों को अंदर पहुंचने का रास्ता मिला। यात्री यानिव हायून के मुताबिक, उन्होंने और अन्य लोगों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को पीछे खींचा। विमान में यात्रा कर रहे दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी स्थिति संभालने में मदद की और विमान को स्थिर करने की प्रक्रिया में योगदान दिया।
तबुक में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
घटना के बाद फ्लाइट को अपने निर्धारित गंतव्य तेल अवीव के बजाय तबुक, सऊदी अरब की ओर मोड़ा गया। विमान वहां सुरक्षित उतर गया। फ्लाईदुबई ने घटना की पुष्टि करते हुए जांच पूरी होने से पहले अटकलों से बचने की अपील की है। रिपोर्टों के अनुसार, विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित रहे। घायल कैप्टन और को-पायलट को भी चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल ले जाया गया।
यात्रियों ने घायल कैप्टन को दी मेडिकल मदद
कॉकपिट की घटना के बाद विमान में मौजूद यात्रियों ने भी मदद के लिए आगे आकर भूमिका निभाई। रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली यात्रियों में शामिल मेडिकल प्रोफेशनल ने घायल कैप्टन को प्राथमिक उपचार दिया। कुछ रिपोर्टों में इजरायली डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसायेव का नाम सामने आया है, जिन्होंने कैप्टन को अस्पताल पहुंचने तक मेडिकल सहायता देने में योगदान दिया। हालांकि, यह कहना कि किसी एक डॉक्टर ने अकेले कैप्टन की जान बचाई, उपलब्ध रिपोर्टों से स्थापित नहीं होता।
‘क्रैश एक्स’ को लेकर क्या है सच्चाई?
इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर विमान में मौजूद Crash Axe यानी आपातकालीन कुल्हाड़ी के इस्तेमाल की बातें भी सामने आई हैं। लेकिन उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में कैप्टन पर हमले के लिए चाकू का उल्लेख है, न कि Crash Axe का। Crash Axe विमान में आपातकालीन परिस्थितियों के लिए रखा जाने वाला उपकरण है। इसका इस्तेमाल दुर्घटना या आग जैसी स्थिति में पैनल अथवा अवरोध हटाने और वैकल्पिक रास्ता बनाने जैसे कामों के लिए किया जा सकता है। इसलिए इस घटना को लेकर कुल्हाड़ी से हमले की जानकारी को फिलहाल पुष्ट तथ्य के तौर पर पेश करना उचित नहीं होगा।
घटना ने विमान सुरक्षा पर फिर खड़े किए सवाल
FZ1073 की घटना ने कॉकपिट सुरक्षा और विमान के अंदर मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा तेज कर दी है। खासतौर पर तब, जब कथित हमला विमान के कॉकपिट के भीतर ही हुआ और इसके बाद विमान की उड़ान भी प्रभावित हुई। हालांकि, घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था और को-पायलट ने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसकी जांच जारी है। जब तक जांच एजेंसियों की ओर से अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आता, तब तक घटना के मकसद को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।