
रायपुर। नया रायपुर स्थित महानदी भवन में कर्मचारियों को लेकर जा रही स्टाफ बस में अचानक आग लगने की घटना ने मंत्रालय की परिवहन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बस में 30 से अधिक शासकीय कर्मचारी सवार थे। गनीमत रही कि आग नजर आते ही बस रोककर कर्मचारियों को बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा और वे महानदी भवन के बाहर धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने पुरानी और जर्जर बसों से आवागमन कराए जाने पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से नई बसें उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि रोजाना मंत्रालय आने-जाने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
चलती बस में आग से मची अफरा-तफरी, कर्मचारियों को उतारकर रोकी गई बस
जानकारी के मुताबिक, स्टाफ बस शासकीय कर्मचारियों को लेकर मंत्रालय की ओर जा रही थी। इसी दौरान बस में अचानक आग लग गई। आग की लपटें दिखाई देने पर बस को रोककर उसमें सवार कर्मचारियों को बाहर निकाला गया। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग लगने की असल वजह सामने नहीं आई है। इसकी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुरानी बसों की फिटनेस पर उठे सवाल
घटना के बाद कर्मचारियों ने स्टाफ बसों की हालत और उनकी नियमित जांच को लेकर चिंता जताई। उनका आरोप है कि लंबे समय से खराब और पुरानी बसों के जरिए मंत्रालय तक परिवहन कराया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते बस को रोककर सभी को बाहर नहीं निकाला जाता, तो हादसा गंभीर रूप ले सकता था।
नई बसें लगाने और नियमित जांच की मांग
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर स्टाफ बसों को हटाकर नई और बेहतर स्थिति वाली बसें उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, बसों की नियमित तकनीकी जांच और फिटनेस सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। मंत्रालय की स्टाफ बस में आग लगने की घटना के बाद अब कर्मचारियों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार विभाग की भूमिका पर नजरें टिकी हैं।