
मुंगेली : गांव में एक बुजुर्ग महिला की बेरहमी से हत्या के बाद पांच दिनों तक हर गली में सिर्फ एक ही सवाल गूंजता रहा—आखिर सोनकलियास बाई को किसने और क्यों मारा? महिला की किसी से दुश्मनी नहीं थी। न कोई विवाद, न किसी से रंजिश। पुलिस के लिए भी मामला लगातार उलझता जा रहा था। गांव में डर ऐसा था कि लोग अपने बच्चों को अकेले घर से बाहर भेजने तक से कतराने लगे थे। लेकिन पांचवें दिन पुलिस को जो सुराग मिला, उसने पूरे हत्याकांड की तस्वीर ही बदल दी।
मामला मुंगेली जिले के ग्राम उमरिया का है। 26-27 सितंबर की दरम्यानी रात वृद्ध महिला सोनकलियास बाई डहरिया की हंसिया से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन कई दिनों तक हत्यारे का कोई सुराग नहीं मिला।
मुखबिर की एक सूचना और पलट गई पूरी कहानी
जांच के दौरान पुलिस ने गांव के लोगों से पूछताछ की। सभी का लगभग एक ही जवाब था कि सोनकलियास बाई का किसी से विवाद नहीं था। वह सामान्य तौर पर सभी से बातचीत करती थी और किसी से दुश्मनी नहीं थी। हत्या की वजह सामने नहीं आने से पुलिस के सामने चुनौती बढ़ती गई। इधर गांव में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। सुबह से शाम तक गांव की गुड़ी और गलियों में इसी हत्याकांड की चर्चा होती रही। लोगों में डर बढ़ता गया और कई परिवार बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बचने लगे। पांच दिन तक हत्या का राज दफन रहा। फिर मुखबिर की एक सूचना ने पूरी कहानी पलट दी।
500 रुपए नहीं मिले तो भड़क गया नाबालिग
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या करने वाला कोई बाहर का व्यक्ति नहीं, बल्कि गांव का ही एक नाबालिग था। पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि उसने अपना मोबाइल गांव में ही किसी व्यक्ति के पास 400 रुपए में गिरवी रखा था। मोबाइल वापस लेने के लिए उसे 500 रुपए देने थे। वह घर से पैसे मांगने की स्थिति में नहीं था। इसी दौरान उसकी नजर सोनकलियास बाई पर पड़ी। नाबालिग ने वृद्धा से 500 रुपए मांगे, लेकिन उसने पैसे देने से इनकार कर दिया। इसके बाद नाबालिग गुस्से में आ गया। उसने वृद्धा के घर में रखा हंसिया उठा लिया और उसके गले पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से वृद्धा की मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद ऐसे निकला जैसे कुछ हुआ ही नहीं
पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद नाबालिग वहां से निकल गया और सामान्य तरीके से अपने दोस्तों से मिला। इसके बाद वह अपने घर चला गया। उधर, गांव में वृद्धा की हत्या की खबर फैलते ही हड़कंप मच गया। लोग हत्यारे को लेकर तरह-तरह के कयास लगाते रहे, लेकिन किसी को अंदाजा तक नहीं था कि जिस हत्यारे की तलाश में पुलिस गांव में घूम रही है, वह इसी गांव का नाबालिग है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घर में दी दबिश
जांच के दौरान पुलिस ने फॉरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी बीच पुलिस को नाबालिग को लेकर महत्वपूर्ण सूचना मिली। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम उसके घर पहुंची और दबिश दी। पुलिस ने नाबालिग से उसके पिता की मौजूदगी में पूछताछ की। पूछताछ में उसने मोबाइल छुड़ाने के लिए 500 रुपए मांगने, पैसे नहीं मिलने पर गुस्से में हंसिया से हमला करने और वृद्धा की मौत की बात स्वीकार की।
घर से मिले कपड़े, खुल गया पूरा राज
पुलिस ने नाबालिग की निशानदेही पर वारदात के समय पहनी गई टी-शर्ट और जींस पैंट उसके घर से बरामद की। फॉरेंसिक, तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ से पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने 3 अक्टूबर को उसका सामाजिक पृष्ठभूमि पत्र तैयार कर उसे अभिरक्षा में लिया। वृद्धा की भांजी दिव्या भारती की रिपोर्ट पर साकेत पुलिस चौकी में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच के बाद पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझा ली। नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड, मुंगेली के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया।