भुवनेश्वर। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के एयरफील्ड थाना क्षेत्र स्थित आजाद नगर में हुए बम विस्फोट मामले की जांच अब तेज हो गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के तीन अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच एजेंसी का कहना है कि इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य अहम सुराग बरामद किए गए हैं, जिनसे पूरे नेटवर्क और विस्फोट की साजिश से जुड़े नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है। एनआईए इस मामले की हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विस्फोट के पीछे किसका हाथ था, इसकी योजना कैसे बनाई गई और इसमें कितने लोग शामिल थे।

यूपी से गिरफ्तारी के बाद तेज हुई जांच
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में पहले ही उत्तर प्रदेश से रोहन रंजन राउत नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ के दौरान मिले इनपुट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर एनआईए ने भुवनेश्वर में यह तलाशी अभियान चलाया। सूत्रों के अनुसार, जिन तीन ठिकानों पर छापेमारी की गई, उनका संबंध आरोपी या उसके संपर्क में रहे लोगों से होने की आशंका है। इसी कड़ी में एजेंसी संभावित सहयोगियों, वित्तीय लेन-देन और संचार नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

तलाशी में मिले कई अहम साक्ष्य
एनआईए द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, तलाशी के दौरान जांच के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य सामग्री जब्त की गई है। इनकी फॉरेंसिक जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि विस्फोट की साजिश किस स्तर पर तैयार की गई थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। हालांकि, जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए एजेंसी ने बरामद सामग्री का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।

अन्य संदिग्धों की भूमिका भी जांच के दायरे में
एनआईए का मानना है कि मामले में केवल एक व्यक्ति की भूमिका तक जांच सीमित नहीं है। बरामद साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है। यदि जांच में पर्याप्त सबूत मिलते हैं, तो आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं यह मामला किसी बड़े नेटवर्क, संगठित मॉड्यूल या अंतरराज्यीय कनेक्शन से तो जुड़ा नहीं है।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
आजाद नगर बम विस्फोट के बाद भुवनेश्वर में सुरक्षा व्यवस्था पहले ही कड़ी कर दी गई थी। अब एनआईए की छापेमारी के बाद स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हैं। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

नेटवर्क की पूरी परतें खंगाल रही NIA
एनआईए इस मामले के हर पहलू की गहन जांच कर रही है। एजेंसी का फोकस विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री की आपूर्ति, आरोपियों के आपसी संपर्क, डिजिटल कम्युनिकेशन, आर्थिक लेन-देन और संभावित अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच पर है। अधिकारियों का मानना है कि जब्त किए गए साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद इस मामले में कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल, जांच जारी है और एनआईए ने मामले से जुड़ी कई जानकारियां गोपनीय रखी हैं।