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सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े एक संवेदनशील मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने गाढ़ा थाना क्षेत्र के टकौर गांव से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में आरोप है कि दोनों युवक सोशल मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से पाकिस्तान से जुड़े एक गैंगस्टर नेटवर्क के संपर्क में थे, तथा देश के संवेदनशील प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण स्थानों की जानकारी साझा कर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ अन्य केंद्रीय और खुफिया एजेंसियां भी जांच में जुट गई हैं।
पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क से संपर्क का आरोप
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. अखलाक और मो. अरमान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि दोनों कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए सीमा पार सक्रिय 'राणा भाई ग्रुप' नामक नेटवर्क के संपर्क में थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह संपर्क कब से था और उन्हें किस प्रकार के निर्देश दिए जा रहे थे।
संवेदनशील ठिकानों की रेकी और लोकेशन साझा करने का आरोप
पुलिस का आरोप है कि दोनों युवक देश के विभिन्न महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों की रेकी कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि वे कथित तौर पर इन स्थानों की लोकेशन, तस्वीरें और अन्य जानकारियां इंटरनेट के माध्यम से सीमा पार भेजते थे। फिलहाल एजेंसियां यह सत्यापित कर रही हैं कि किन-किन स्थानों से जुड़ी सूचनाएं साझा की गईं और उनका संभावित उद्देश्य क्या था।
दिल्ली जाने की तैयारी में थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक, खुफिया सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी सीतामढ़ी से निकलकर दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए टकौर गांव में घेराबंदी की और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से संभावित बड़ी साजिश को विफल करने में सफलता मिली।
मोबाइल फोन से मिले अहम डिजिटल सुराग
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में इन मोबाइलों से कई संदिग्ध संपर्क, चैट, डिजिटल दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री मिलने की बात कही गई है। अब इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों के संपर्क किन लोगों से थे और उन्हें किस प्रकार के निर्देश मिल रहे थे।
खुफिया एजेंसियां भी जांच में शामिल
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के अलावा अन्य केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गई हैं। जांच का दायरा केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इनके साथ कोई और स्थानीय सहयोगी या व्यापक नेटवर्क जुड़ा हुआ था।अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रांजैक्शन और ऑनलाइन गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित नेटवर्क का विस्तार किन राज्यों तक था और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे। फिलहाल, पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों तथा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।