बिलासपुर ईदगाह रोड, पावर हाउस चौक समेत शहर के कई अस्पतालों की शिकायतें; सात जिलों के 18 निजी अस्पतालों में अचानक पहुंची टीमें

रायपुर। आयुष्मान योजना के नाम पर मरीजों के इलाज और रिकॉर्ड में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को रायपुर समेत सात जिलों के 18 निजी अस्पतालों में एक साथ जांच की। कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई कि जांच टीमों को जिले में पहुंचने के बाद ही अस्पताल का नाम बताया गया। मौके पर मरीजों की भर्ती, डॉक्टरों की मौजूदगी, इलाज का रिकॉर्ड और पोर्टल पर दर्ज जानकारी का मिलान किया गया।

रायपुर के एक अस्पताल में जांच के दौरान दूसरे जिलों के 44 मरीज भर्ती मिले। मौके पर डॉक्टर नहीं थे। अस्पताल का स्टाफ भी मरीजों के इलाज से जुड़ी जरूरी जानकारी टीम को नहीं दे पाया। इससे जांच टीम ने मौके के रिकॉर्ड और आयुष्मान पोर्टल की जानकारी को खंगालना शुरू किया।

जांच में यह भी सामने आया कि कार्रवाई से दो दिन पहले इसी अस्पताल से ओडिशा के 31 मरीजों को एक साथ डिस्चार्ज किया गया था। इन मरीजों से जुड़े दस्तावेज भी जांच टीम को नहीं दिए गए। टीम ने अस्पताल के रजिस्टर जब्त कर लिए हैं। अब पोर्टल पर दर्ज मरीजों की संख्या, प्री-ऑथराइजेशन, डिस्चार्ज और अस्पताल में वास्तव में भर्ती मरीजों की संख्या का मिलान किया जा रहा है।

बिलासपुर में शिकायतें कम नहीं

इधर बिलासपुर में भी आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों की शिकायतें सामने आती रही हैं। ईदगाह रोड, पावर हाउस चौक और शहर के अलग-अलग इलाकों में संचालित अस्पतालों को लेकर शिकायतें हैं। ऐसे में बुधवार की कार्रवाई में बिलासपुर के अस्पतालों की जांच होने के बाद भी स्थानीय स्तर पर और जांच की जरूरत बताई जा रही है।

खासकर मरीजों को आयुष्मान योजना के तहत भर्ती करने, इलाज दिखाने, डिस्चार्ज करने और उसके बाद पोर्टल पर बिल लगाने की पूरी प्रक्रिया की जांच की जरूरत है। अस्पताल के कागजों में दर्ज मरीज और मौके पर मौजूद मरीजों का रिकॉर्ड मिलाने से ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। 28 सितंबर को प्रकाशित रिपोर्ट में आयुष्मान कार्ड वाले मरीजों को अस्पताल तक लाने के बदले 15 प्रतिशत कमीशन देने की शिकायत का भी जिक्र किया गया था। इस तरह की शिकायतों के बीच अब अस्पतालों के रिकॉर्ड की जांच पर नजर है।

इन अस्पतालों में पहुंची जांच टीम

सात जिलों में की गई कार्रवाई में बस्तर के एससीएच हॉस्पिटल, बिलासपुर के अशोक प्रसूति मंदिर, केयर एन क्योर मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल और मेहता चिल्ड्रन नर्सिंग होम, दुर्ग के श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस और पल्स हॉस्पिटल, कबीरधाम के जय जगन्नाथ हेल्थकेयर, कोंडागांव के नेताम हॉस्पिटल एंड इनफर्टिलिटी सेंटर, कोरबा के हरि कृष्णा केयर हॉस्पिटल में जांच की गई।

रायपुर में एसआरआईएमएसआर श्री रावतपुरा सरकार हॉस्पिटल, श्री महावीर हॉस्पिटल, एसके केयर हॉस्पिटल, विजन सेंटर आई हॉस्पिटल और वरदान हॉस्पिटल की जांच हुई। सरगुजा में डीएचटी केयर हॉस्पिटल में टीम पहुंची।

जांच के दौरान आयुष्मान रिकॉर्ड और अस्पताल में मौजूद मरीजों की स्थिति का मिलान किया गया। जिन बिंदुओं पर अंतर मिला है, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। अब बिलासपुर के अस्पतालों में मिली शिकायतों और वहां के आयुष्मान रिकॉर्ड की भी इसी तरह जांच होती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी।