अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर क्षेत्र में जंगली हाथियों की असामान्य गतिविधि ने ग्रामीण इलाकों में चिंता और सतर्कता दोनों बढ़ा दी है। लंबे समय बाद एक साथ बड़ी संख्या में हाथियों की मौजूदगी ने वन विभाग को भी अलर्ट मोड पर ला दिया है।

मैनपाट क्षेत्र के नर्मदापुर और आसपास के गांवों में इन दिनों 14 हाथियों का झुंड सक्रिय है, जो तीन अलग-अलग समूहों में बंटकर जंगलों और बस्तियों के आसपास घूम रहा है। इस असामान्य मूवमेंट के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

स्थानीय जानकारी के अनुसार, पहले से क्षेत्र में मौजूद कुछ हाथियों के साथ अब एक बड़ा झुंड भी जुड़ गया है। ये हाथी नर्मदापुर, बईगहवा, डांडकेसरा और ललेया से लगे जंगलों में लगातार मूवमेंट कर रहे हैं, जिससे गांवों के नजदीक खतरे की आशंका बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की गतिविधि देर शाम और रात के समय अधिक बढ़ जाती है, जिससे खेतों और घरों के आसपास जाने में डर का माहौल बना हुआ है। लोग समूह में ही आवाजाही कर रहे हैं और सतर्कता बरत रहे हैं। वन विभाग ने स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। मैदानी अमला लगातार हाथियों की लोकेशन ट्रैक कर रहा है और गांवों में मुनादी के जरिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी प्रकार की जनहानि या फसल नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन हाथियों के मूवमेंट को देखते हुए किसी भी संभावित खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों के अनुसार, जंगलों में भोजन और पानी की उपलब्धता में बदलाव के कारण हाथियों का रुख आबादी वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ता है। ऐसे में मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति बनने की आशंका रहती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे हाथियों के पास न जाएं, उन्हें उकसाने की कोशिश न करें और किसी भी गतिविधि की तुरंत सूचना वन विभाग को दें। फिलहाल, पूरा क्षेत्र हाई अलर्ट पर है और वन विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।