अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अस्पतालों में मरीजों के साथ कैसा सुलूक हो रहा है इसका एक शर्मनाक मामला अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल से सामने आया है। यहां धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों का एक क्रूर चेहरा दिखा। नसबंदी कराने आई एक महिला जब ऑपरेशन के दौरान दर्द से तड़प उठी तो इलाज करने के बजाय ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। इस घटना के बाद अस्पताल में भारी हंगामा मच गया और परिजनों ने डॉक्टर पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

बिना सुन्न किए लगा दिया चीरा दर्द से छटपटाई तो पड़ा थप्पड़

जानकारी के मुताबिक मंगलवार को शहर की एक महिला नसबंदी कराने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंची थी। ड्यूटी पर मौजूद महिला डॉक्टर उसे ऑपरेशन थियेटर ले गईं। मरीज का गंभीर आरोप है कि डॉक्टर ने उसे सही तरीके से एनेस्थिसिया नहीं दिया था। जब ऑपरेशन शुरू हुआ तो महिला को भयानक दर्द का अहसास होने लगा। दर्द के मारे जब उसने छटपटाते हुए अपने पैर हिलाए तो संवेदनहीनता की हद पार करते हुए डॉक्टर ने उसे जोरदार थप्पड़ मार दिया। महिला का कहना है कि डॉक्टर बेहद गुस्से में थीं और बहुत खराब तरीके से बात करते हुए बोलीं कि यहां क्यों आ जाते हो।

परिजनों का फूटा गुस्सा अस्पताल में काटा बवाल

ऑपरेशन के बाद जब महिला बाहर आई तो उसने अपने साथ हुई इस अमानवीय घटना की पूरी जानकारी अपने पति और अन्य परिजनों को दी। यह सुनते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा शुरू कर दिया। महिला के पिता पुनील मंडल ने इस कृत्य को पूरी तरह से गलत ठहराते हुए कहा कि अगर एक डॉक्टर ही अपना धैर्य खो देगा तो गरीब मरीज न्याय और इलाज के लिए कहां जाएगा। उन्होंने ऐसी डॉक्टर को तुरंत सस्पेंड कर घर बैठाने की पुरजोर मांग की है।

प्रबंधन की लीपापोती सिर्फ स्पष्टीकरण का झुनझुना

हंगामे की खबर मिलते ही अस्पताल के सीनियर डॉक्टर मौके पर पहुंचे और मामले को शांत कराने की कोशिश की। अस्पताल के डॉक्टर जेके रेलवानी ने इस गंभीर लापरवाही पर पर्दा डालने की कोशिश करते हुए कहा कि शायद पहली बार एनेस्थिसिया का डोज कम रह गया होगा जिसके बाद दोबारा डोज देकर ऑपरेशन किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्टरों और स्टाफ को मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करने का निर्देश पत्र निकाला जाएगा और थप्पड़ मारने वाली डॉक्टर से सिर्फ स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।