
दबाव डालकर कैसे लिखवाई गई चोरी की पर्ची, वीडियो में कैद है मार्ट संचालकों की करतूत।
बैकुंठपुर।महज 1500 रुपए की चोरी का झूठा आरोप और उसके बाद रची गई ब्लैकमेलिंग की साजिश... इसी दबाव ने 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली 17 साल की हंसती-खेलती पूजा को मौत के फंदे तक पहुंचा दिया। मम्मी-पापा मुझे माफ कर देना, मेरी वजह से आप लोगों को बदनामी झेलनी पड़ रही है... ये आखिरी शब्द लिखकर आरक्षक शिवनाथ पैकरा की बेटी ने अपनी जिंदगी खत्म कर ली। इस दिल दहला देने वाले मामले में अब पुलिस की जांच का सबसे बड़ा और अहम हथियार आईसी मार्ट का सीसीटीवी फुटेज बन गया है।
CCTV से खुलेगा मार्ट के अंदर का खौफनाक सच
लगातार बढ़ते जनाक्रोश के बाद प्रशासन ने आईसी मार्ट को सील कर दिया है और साइबर टीम ने वहां लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर (DVR) जब्त कर लिया है। साइबर सेल गंभीरता से फुटेज की रिकवरी में जुटी है। इस फुटेज के सामने आते ही मार्ट के अंदर का पूरा सच सामने आएगा कि बंद दीवारों के पीछे पूजा और उसकी छोटी बहन छाया के साथ संचालकों ने किस हद तक बदसलूकी की थी। फुटेज पुलिस के लिए वह पुख्ता इलेक्ट्रॉनिक सबूत बनेगा, जो साबित करेगा कि कैसे दो नाबालिग बच्चियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उन पर दबाव बनाकर जबरन एक कागज पर लिखवाया गया कि- मैं पूजा और मेरी बहन छाया ने आईसी मार्ट से चोरी की है।
₹1500 का शक, ₹50 हजार की वसूली का खेल
मंगलवार दोपहर संजय चौक स्थित आईसी मार्ट में दोनों बहनें सिर्फ खरीदारी करने गई थीं। वे दुकान से बाहर भी नहीं निकली थीं कि संचालकों ने उन पर कॉस्मेटिक चुराने का झूठा आरोप लगा दिया। जबरन साइन कराने के बाद उनकी स्कूटी जब्त कर ली गई। जब पूजा के परिचित एक एएसआई मार्ट पहुंचे, तो संचालकों ने स्कूटी छोड़ने के एवज में 20 हजार रुपए की मांग की। अगले दिन बुधवार को जब पूजा के पिता वहां पहुंचे, तो संचालकों का लालच बढ़कर 50 हजार रुपए हो गया। पिता 20 हजार रुपए देने को तैयार थे, लेकिन मार्ट संचालक पूरे 50 हजार लिए बिना स्कूटी छोड़ने को राजी नहीं हुए।
बदनामी के खौफ ने ले ली जान, मां ICU में। भर्ती
इधर, घर में अकेली पूजा इस दहशत में थी कि झूठे इल्जाम से उसके पिता की वर्दी और परिवार की इज्जत समाज में उछलेगी। बुधवार दोपहर जब पिता, मां को लेने बस स्टैंड गए थे, तभी सूने घर में पूजा ने फांसी लगा ली। जवान बेटी की लाश फंदे पर लटकती देख मां इस कदर सदमे में चली गईं कि उन्हें बार-बार बेहोशी आने लगी। फिलहाल वे जिला अस्पताल के आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं।
तीनों आरोपी फरार, पुलिस की कई टीमें कर रहीं तलाश
गुरुवार को पुलिस परिवार की महिलाओं और स्थानीय नागरिकों के भारी आक्रोश और नेशनल हाईवे 343 जाम करने के बाद पुलिस एक्शन में आई। मार्ट संचालक दीपक बैद, विनोद बैद और जगत बैद के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, जबरन वसूली और एससी-एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। फिलहाल तीनों आरोपी फरार हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी और सीसीटीवी फुटेज की रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।