रायपुर: ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का पर्व आज पूरे छत्तीसगढ़ में धार्मिक आस्था और भाईचारे के साथ मनाया गया। राजधानी रायपुर की बड़ी ईदगाह समेत प्रदेशभर के ईदगाहों और मस्जिदों में लोगों ने नमाज अदा कर अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। वहीं रायगढ़ के कदमी ईदगाह में नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी।46_1779947652

त्योहार को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड और प्रशासन ने इस बार सख्त गाइडलाइन जारी की है। निर्देशों के मुताबिक सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और खुले इलाकों में कुर्बानी पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। कुर्बानी केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस या निजी परिसरों के भीतर ही करने की अनुमति दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान भी रखा गया है।comp-124_1779879065

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने बताया कि प्रदेश में सामाजिक सौहार्द और स्वच्छता बनाए रखने को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष की तरह इस बार भी कई स्थानों पर नमाज शिफ्ट में अदा कराई गई, ताकि भीड़ नियंत्रण बेहतर ढंग से किया जा सके। उन्होंने दावा किया कि राज्यभर में जारी दिशा-निर्देशों का व्यापक स्तर पर पालन किया जा रहा है।comp-125-1_1779879074

वहीं प्रशासन ने डीजे और तेज आवाज में धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर भी सख्ती दिखाई है। तय ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में साउंड सिस्टम बजाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीमें विभिन्न इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं, ताकि त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था प्रभावित न हो।image_1779811284

इधर रायगढ़ में बकरीद को लेकर बकरों का बाजार भी खासा चर्चा में रहा। यहां 20 से 30 हजार रुपए से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक के बकरों की खरीदारी की गई। पंजाब से मंगाए गए बीटल नस्ल के बकरे लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई परिवारों ने महीनों पहले से खास नस्ल के बकरों की बुकिंग कर रखी थी, जिनकी देखभाल पौष्टिक आहार और विशेष खानपान के साथ की गई।