जगदलपुर। बस्तर संभाग के डिमरापाल स्थित मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ग्रेड-पे लागू करने और संविदा समेत अन्य श्रेणियों में कार्यरत कर्मचारियों के संविलियन की मांग को लेकर नर्सिंग कर्मचारियों ने तीन दिवसीय सांकेतिक आंदोलन शुरू किया है। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि उनकी प्रमुख मांग वर्ष 2018 से लंबित है। कई स्तरों पर मांग उठाए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

ग्रेड-पे के लिए वर्षों से चल रही मांग
नर्सिंग कर्मचारियों के अनुसार, ग्रेड-पे से जुड़ा मामला लंबे समय से शासन स्तर पर विचाराधीन है। कर्मचारियों का दावा है कि चिकित्सा शिक्षा आयुक्त कार्यालय की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि प्रस्ताव जारी हुए करीब नौ महीने का समय बीत चुका है। इसके बावजूद फाइल पर अंतिम निर्णय नहीं होने से कर्मचारियों को लगातार इंतजार करना पड़ रहा है।

संविदा और डीएमएफटी कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग
नर्सिंग स्टाफ ने केवल ग्रेड-पे ही नहीं, बल्कि अस्पताल में विभिन्न माध्यमों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के संविलियन और नियमितीकरण की मांग भी उठाई है। कर्मचारियों के मुताबिक, डेली वेजेस, संविदा और डीएमएफटी के तहत कई लोग लंबे समय से अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उनकी सेवा शर्तें और वेतन अपेक्षाकृत कम हैं। ऐसे कर्मचारियों को स्थायी व्यवस्था का लाभ देने के साथ बेहतर वेतन और सेवा सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है।

मरीजों की सेवा प्रभावित न हो, इसलिए सांकेतिक आंदोलन
नर्सिंग स्टाफ ने फिलहाल अपना विरोध सीमित रखते हुए तीन दिनों तक प्रतिदिन दो घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। कर्मचारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित करना नहीं है। नर्सिंग स्टाफ स्वास्थ्य व्यवस्था की अहम कड़ी है। मरीजों की देखभाल, दवा देने, इंजेक्शन और कैनुला लगाने, सैंपल लेने तथा लगातार मरीजों की निगरानी जैसी जिम्मेदारियां नर्सिंग कर्मचारियों के जिम्मे रहती हैं। ऐसे में आंदोलन लंबा खिंचने पर अस्पताल की सेवाओं पर दबाव बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

मांग पूरी नहीं हुई तो बढ़ सकता है आंदोलन
नर्सिंग एसोसिएशन ने सरकार से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है। कर्मचारियों ने संकेत दिया है कि यदि सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो मौजूदा सांकेतिक प्रदर्शन को आगे बड़े आंदोलन का रूप दिया जा सकता है। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को विभाग और शासन के सामने रखते आ रहे हैं। अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लंबित मामलों पर स्पष्ट और ठोस निर्णय की उम्मीद है।