बस्तर: छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता गोदामों में आग लगने की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। बीजापुर के बाद अब बस्तर जिले के सरगीपाल स्थित तेंदूपत्ता गोदाम में भी भीषण आग लग गई, जिसमें करीब एक हजार बोरे जलकर राख हो गए। घटना के बाद वन विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया। दमकल और वन अमले की घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।comp-7-a_1779950543

जानकारी के मुताबिक, बुधवार शाम सरगीपाल गोदाम से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। गोदाम में बड़ी मात्रा में तेंदूपत्ता का स्टॉक रखा हुआ था, जिसे बचाने की कोशिश की गई, लेकिन तेज लपटों के कारण भारी नुकसान हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यहां रखा तेंदूपत्ता सुकमा जिले का पुराना स्टॉक था।comp-7-b_1779950597

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। काफी देर तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। फिलहाल आग लगने की असली वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है, लेकिन शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। विभागीय अधिकारी पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं।comp-7-b_1779950597

इससे पहले बीजापुर के एक निजी तेंदूपत्ता गोदाम में लगी भीषण आग में लगभग 18 हजार बोरे जलकर खाक हो गए थे। शुरुआती अनुमान के मुताबिक उस घटना में 10 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ था। मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने बीजापुर डीएफओ रमेश कुमार जांगड़े को पद से हटा दिया है। उनकी जगह सागर जाधव को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।gif1217193321091737871551_1779948553

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद बीमा क्लेम को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। तेंदूपत्ता के बड़े स्टॉक का बीमा कराया जाता है, ऐसे में जांच एजेंसियां इस एंगल को भी खंगाल रही हैं। वन विभाग ने साफ किया है कि गोदामों की सुरक्षा व्यवस्था, बीमा प्रक्रिया और आग लगने के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।