रायपुर। भिलाई स्टील संयंत्र (BSP) से पिछले 40 वर्षों के भीतर 10 हजार करोड़ रुपए का लोहा पार हो चुका है। भा,रतीय जनता पार्टी के विधायक रिकेश सेन ने पुलिस महानिदेशक अरुणदेव गौतम को पत्र लिखकर यह बड़ा आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर भी उन्होंने पूरी बात सामने रखी है। विधायक ने कहा कि लोहा चोरी की काली कमाई 4 आईपीएस, 3 आईएएस और 12 नेताओं की जेब में जाती है। प्लांट के भीतर बाकायदा ट्रांसपोर्ट यूनियन काम कर रही है, जो गाड़ियों से हर महीने लाखों रुपए वसूलती है।
विधायक ने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर उन्होंने पहले ही सीबीआई जांच मांगी थी। अब सीबीआई की एंट्री के बाद कई पुलिस अधिकारियों का जेल जाना तय है। डर के मारे कई अफसर जांच रुकवाने दिल्ली का चक्कर काट रहे हैं।
डीजीपी को लिखें पत्र उन्होंने ने पुलिस को चोरों तक पहुंचने का पूरा रास्ता बताया गया है। विधायक ने लिखा है कि जिन 100 से ज्यादा ट्रकों से लोहा पार होता था, सुबूत मिटाने के लिए रातों-रात उन्हें काटकर कबाड़ बना दिया गया। पुलिस अगर आरटीओ से इन गाड़ियों का डिटेल निकाले, तो असली ट्रांसपोर्टर की गिरेबान तक पहुंच सकती है।
भिलाई स्टील प्लांट के अधिकारियों का कामकाज भी शक के घेरे में है। विधायक ने बताया कि जब भी कोई ट्रांसपोर्टर लोहा चोरी करते पकड़ा जाता था, तो अफसर एफआईआर कराने के बजाय सिर्फ गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट करते थे। प्लांट से निकलने वाले स्क्रैप का वजन क्यों नहीं होता था और सीआईएसएफ उसे बाहर जाने से क्यों नहीं रोकती थी? पुलिस को इन अधिकारियों पर भी केस दर्ज करना चाहिए।
लोहा चोरी से कमाई गई करोड़ों की संपत्ति का इस्तेमाल सरकार के खिलाफ माहौल बनाने में किया जा रहा है। विधायक ने लिखा है कि सालों तक लोहा चोरी करने वाला माफिया अब सफेद कपड़े पहनकर समाजसेवी बन गया है। वह जनता के बीच रोज लाखों रुपए बांटता है। यही माफिया जेल में बंद खूंखार अपराधियों को वकील देकर जमानत करवाता है। मर्डर, बलात्कार और चोरी की घटनाओं में भी ऐसे लोगों का हाथ रहता है। रसमडा की फैक्ट्री में यही चोरी का लोहा खपाया जाता था, फिर भी फैक्ट्री मालिक इतना रसूखदार है कि पुलिस उस पर केस तक दर्ज नहीं करती।
विधायक सेन ने दुर्ग पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि पुलिस ने असली मगरमच्छों को छोड़ दिया है। उल्टे भाजपा के मंडल कोषाध्यक्ष को गिरफ्तार कर लिया, जबकि वह जीएसटी बिल के साथ माल खरीदता था। रायपुर में बैठे कुछ आईपीएस अफसर दुर्ग पुलिस पर दबाव डालकर लोहा चोरी में भाजपा का नाम घसीट रहे हैं, ताकि पार्टी को बदनाम किया जा सके। 40 साल में 10 हजार करोड़ का लोहा क्या उस मंडल कोषाध्यक्ष ने चुराया था? पुलिस को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसका जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि डीजीपी अरुणदेव गौतम की छवि साफ-सुथरी है। विधायक ने उनसे कहा है कि छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ है, उन्हें बिना डरे राष्ट्रीय संपत्ति लूटने वालों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।