
बिलासपुर : शहर में शक्कर के दाम बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने बाजार पर नजरें टिका दी हैं। खुले बाजार में कीमतों में अचानक आई तेजी को देखते हुए काला बाजारी और मुनाफाखोरी की आशंका को लेकर खाद्य विभाग को जांच के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों से शक्कर की उपलब्धता और बाजार में चल रहे दामों की लगातार निगरानी करने को कहा है।
स्टॉक और बिक्री का होगा मिलान
प्रशासन की नज़र थोक कारोबारियों के साथ ही चिल्हर दुकानदारों पर भी रहेगी। खाद्य विभाग की टीम व्यापारियों के स्टॉक रजिस्टर और बिक्री बिल की जांच करेगी। इसके साथ ही रिकॉर्ड में दर्ज शक्कर की मात्रा का गोदाम और दुकान में मौजूद वास्तविक स्टॉक से मिलान किया जाएगा। अधिकारियों को यह भी देखने के निर्देश दिए गए हैं कि कहीं कम स्टॉक दिखाकर बाजार में शक्कर की कृत्रिम कमी तो नहीं बनाई जा रही है। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गोदामों में हो सकता है औचक निरीक्षण
बाजार में शक्कर की उपलब्धता सामान्य बनाए रखने के लिए जरूरत के अनुसार दुकानों और गोदामों का औचक निरीक्षण भी किया जाएगा। खाद्य विभाग की टीम शक्कर की आवक, बिक्री और उपलब्ध स्टॉक का रिकॉर्ड खंगालेगी। खास तौर पर उन कारोबारियों पर नजर रहेगी, जहां स्टॉक और बिक्री के आंकड़ों में अंतर मिलता है।
जमाखोरी मिली तो होगी कार्रवाई
प्रशासन ने साफ किया है कि शक्कर की जमाखोरी कर कृत्रिम कमी पैदा करने या तय दर से अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जांच के दौरान गड़बड़ी मिलने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों को बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि आम उपभोक्ताओं पर बढ़ती कीमतों का अनावश्यक बोझ न पड़े, इसके लिए शक्कर के कारोबार और उपलब्धता की नियमित जांच की जाएगी।