
हिसार। आमतौर पर पुलिस का काफिला किसी VIP की सुरक्षा में दौड़ता नजर आता है, लेकिन हरियाणा के हिसार में इन दिनों नजारा कुछ अलग है। यहां कचरा उठाने वाली गाड़ियों के आगे और पीछे पुलिस की गाड़ियां चल रही हैं। सड़क पर कचरे के वाहनों के साथ पुलिसकर्मियों की तैनाती देखकर लोग भी हैरान हैं। दरअसल, शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन ने डोर-टू-डोर कचरा उठाने का अभियान शुरू किया है। सफाई कर्मचारियों के विरोध के बीच कचरा उठाने वाली गाड़ियों को सुरक्षा देने के लिए 200 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
कचरा उठाने निकली गाड़ियां, साथ चल रहा पुलिस का काफिला
यह तस्वीर हिसार के वार्ड नंबर 11 की बताई जा रही है। यहां डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली गाड़ियों को पुलिस सुरक्षा के बीच रवाना किया गया। गाड़ियों के आगे और पीछे पुलिस वाहन नजर आए, जबकि बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी पूरे अभियान के दौरान तैनात रहे। यानी जिस काम के लिए आम तौर पर सफाई कर्मचारी और कचरा वाहन नजर आते हैं, वहां अब सुरक्षा के लिए पुलिस का पूरा इंतजाम दिखाई दे रहा है। इस असामान्य तस्वीर ने शहर में चर्चा जरूर छेड़ दी है।
हड़ताल के बीच सफाई व्यवस्था सुधारने की कोशिश
हिसार में सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन और हड़ताली कर्मचारियों के बीच खींचतान बनी हुई है। एक तरफ जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीमें सफाई अभियान को आगे बढ़ा रही हैं, तो दूसरी तरफ हड़ताल कर रहे कर्मचारी अभियान का विरोध कर रहे हैं। इसी स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कचरा उठाने वाली गाड़ियों और सफाई अभियान में लगे कर्मचारियों को सुरक्षा उपलब्ध कराने का फैसला लिया है।
28 अगस्त से 4 सितंबर तक विशेष ड्यूटी
नगर निगम आयुक्त सी. जयाश्रद्धा ने 27 अगस्त को कार्यालय आदेश जारी कर अधिकारियों और कर्मचारियों का विशेष ड्यूटी रोस्टर जारी किया है। रोस्टर के मुताबिक 28 अगस्त से 4 सितंबर तक अलग-अलग अधिकारियों और कर्मचारियों की दिन और रात की शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है। इसमें अतिरिक्त निगम आयुक्त प्रदीप हुड्डा के अलावा DMC, एक्सईएन, SDO, बिल्डिंग इंस्पेक्टर, CSI, SI, JE, पटवारी और सहायक सफाई निरीक्षक स्तर के अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनकी जिम्मेदारी सफाई अभियान की मौके पर निगरानी करने और अलग-अलग टीमों के बीच समन्वय बनाए रखने की है।
200 से ज्यादा पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात
सफाई अभियान के दौरान किसी तरह का विरोध या विवाद न हो, इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से भी बड़ी संख्या में जवान तैनात किए गए हैं।प्रशासन के अनुसार 200 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की ड्यूटी सफाई अभियान के दौरान लगाई गई है। पुलिस की मौजूदगी का मकसद कचरा उठाने वाली गाड़ियों और सफाई अभियान में लगे कर्मचारियों को सुरक्षा देना है।
अधिकारियों-कर्मचारियों की गैरहाजिरी पर भी सख्ती
नगर निगम के आदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। रोस्टर में जिन अधिकारियों-कर्मचारियों की जिस स्थान पर ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें वहां निर्धारित समय पर उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। ड्यूटी से अनुपस्थित रहने को गंभीर लापरवाही माना जाएगा और संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
सफाई अभियान पर टिकी शहर की नजर
हिसार में सफाई व्यवस्था को लेकर चल रही यह कवायद ऐसे समय हो रही है, जब प्रशासन के सामने हड़ताल और विरोध के बीच शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है। एक ओर प्रशासन सफाई व्यवस्था सामान्य करने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है, तो दूसरी ओर कर्मचारियों के विरोध के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
कचरे की गाड़ियों को ‘VIP सुरक्षा’ क्यों?
हिसार की सड़कों पर पुलिस सुरक्षा में निकलती कचरे की गाड़ियों का काफिला भले ही देखने में असामान्य लगे, लेकिन इसके पीछे शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर चल रहा प्रशासन और हड़ताली कर्मचारियों के बीच विवाद है। अब देखना होगा कि 4 सितंबर तक चलने वाले इस विशेष अभियान से शहर की सफाई व्यवस्था कितनी सुधरती है और कर्मचारियों के विरोध का समाधान कब तक निकलता है ?