
दुर्ग। जिला अस्पताल की अटल आरोग्य लैब में ड्यूटी के दौरान कथित तौर पर रील बनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में कुछ महिला टेक्नीशियन लैब के अंदर ब्लड सैंपल के बीच वीडियो बनाती नजर आ रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच के निर्देश दिए हैं। लैब प्रभारी जेपी मेश्राम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जांच में यदि लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
लैब में ब्लड सैंपल के बीच ‘रील’, वीडियो हुआ वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कुछ महिला टेक्नीशियन लैब के अंदर कैमरे के सामने वीडियो बनाती दिखाई दे रही हैं। वीडियो में लैब का कार्यक्षेत्र और ब्लड सैंपल भी नजर आने की बात कही जा रही है। वीडियो किस तारीख का है और इसे किस परिस्थिति में बनाया गया, यह स्पष्ट नहीं है। अस्पताल प्रबंधन ने इसी बिंदु को जांच का हिस्सा बनाया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वीडियो ड्यूटी के दौरान बनाया गया और उस समय मरीजों के सैंपल की जांच का काम प्रभावित हुआ या नहीं?
अटल आरोग्य लैब में होती हैं 134 तरह की जांच
जिला अस्पताल की अटल आरोग्य लैब अस्पताल की जांच व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां मरीजों के लिए करीब 134 तरह की जांच मुफ्त किए जाने की जानकारी है। लैब का संचालन HLL कंपनी के माध्यम से किया जा रहा है। ऐसे में लैब में काम करने वाले कर्मचारियों की जिम्मेदारी और कार्यस्थल पर अनुशासन को लेकर वायरल वीडियो ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहले रिपोर्ट में गड़बड़ी को लेकर भी उठ चुके हैं सवाल
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ दिन पहले इसी लैब में एक 24 वर्षीय युवक की जांच रिपोर्ट को लेकर विवाद हुआ था। युवक को जांच के बाद HIV पॉजिटिव रिपोर्ट दिए जाने की बात सामने आई थी। युवक ने रिपोर्ट पर सवाल उठाए, जिसके बाद दोबारा जांच और पड़ताल की गई। बाद में रिपोर्ट में सुधार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। अब लैब के अंदर रील बनाने का वीडियो वायरल होने के बाद लैब की कार्यप्रणाली और जांच प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
वीडियो कब बना? अस्पताल प्रबंधन करेगा जांच
अस्पताल प्रबंधन अब वायरल वीडियो की पूरी जानकारी जुटा रहा है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि वीडियो कब बनाया गया, उस समय संबंधित कर्मचारी ड्यूटी पर थे या नहीं और वीडियो बनाने के दौरान लैब का नियमित काम प्रभावित हुआ था या नहीं। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि वीडियो में दिखाई दे रहे सैंपल मरीजों से संबंधित थे या नहीं और उनकी जांच प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं।
लैब प्रभारी को नोटिस, जवाब के बाद होगी कार्रवाई
मामले में लैब प्रभारी जेपी मेश्राम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रशासन का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि मरीजों की जांच और सैंपल प्रक्रिया किसी भी तरह की गैर-जरूरी गतिविधि से प्रभावित न हो।
सिविल सर्जन बोले- ड्यूटी के दौरान रील बनाना लापरवाही
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज ने कहा कि लैब या किसी भी कार्यस्थल पर ड्यूटी के दौरान इस तरह वीडियो बनाना लापरवाही की श्रेणी में आता है। उन्होंने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यदि संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता
अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया और रील बनाना व्यक्तिगत गतिविधि हो सकती है, लेकिन मरीजों से जुड़े संवेदनशील स्थानों पर ड्यूटी के दौरान ऐसी गतिविधि कई सवाल खड़े कर सकती है। अब अस्पताल प्रबंधन की जांच से यह साफ होगा कि वायरल वीडियो कब बनाया गया, क्या कर्मचारी ड्यूटी पर थे और क्या इससे किसी मरीज की जांच या सैंपल प्रक्रिया प्रभावित हुई। फिलहाल, मामले की जांच जारी है और प्रबंधन की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।