
पटना। बिहार की राजनीति में एक बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की चर्चित महिला नेता और ‘मुखिया दीदी’ के नाम से पहचान बनाने वाली रितु जायसवाल अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने जा रही हैं। सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने खुद इसकी आधिकारिक जानकारी दी, जिसके बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि रितु का भाजपा में जाना RJD के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है, खासकर उत्तर बिहार के महिला और वैश्य वोट बैंक पर इसका असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
रितु जायसवाल 26 मई को पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता लेंगी। खास बात यह रही कि उन्होंने अपने समर्थकों से सादगी के साथ कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की। उन्होंने लंबी गाड़ियों के काफिले और अनावश्यक भीड़ से बचने का संदेश देते हुए ईंधन बचत और जिम्मेदार राजनीति की बात कही। रितु ने साफ कहा कि राजनीति उनके लिए शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि समाज सेवा और जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है।
दरअसल, RJD और रितु जायसवाल के बीच दूरी 2025 विधानसभा चुनाव के दौरान ही साफ दिखाई देने लगी थी। परिहार सीट से मजबूत दावेदारी रखने के बावजूद पार्टी ने उनका टिकट काट दिया था, जिसके बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़कर सभी को चौंका दिया। चुनाव में उन्होंने 60 हजार से ज्यादा वोट हासिल कर RJD प्रत्याशी की स्थिति कमजोर कर दी थी। बाद में पार्टी ने अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। इसी घटनाक्रम के बाद से उनके भाजपा में जाने की अटकलें लगातार तेज थीं।
मुंबई की कॉरपोरेट दुनिया छोड़कर गांव की राजनीति में कदम रखने वाली रितु जायसवाल ने पंचायत स्तर पर विकास और महिला नेतृत्व के जरिए राष्ट्रीय पहचान बनाई थी। पढ़ी-लिखी, मुखर और जमीनी नेता की छवि रखने वाली रितु का प्रभाव सीतामढ़ी समेत उत्तर बिहार के कई जिलों में माना जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा उन्हें महिला नेतृत्व के बड़े चेहरे के रूप में आगे बढ़ा सकती है, वहीं उनका पार्टी में शामिल होना आगामी बिहार चुनावों से पहले BJP की सामाजिक और राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।