बिलासपुर। शहर के गांधी चौक स्थित 3ए कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में संचालित कुछ लाइब्रेरियों में हुए कथित विवाद को लेकर माहौल गरमा गया है। आरोप है कि IBT इंस्टीट्यूट के संचालक राहुल अलग-अलग लाइब्रेरियों में पहुंचे और वहां मौजूद छात्र-छात्राओं व कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार और धमकी देने जैसी घटनाएं हुईं। मामले से जुड़े कुछ CCTV फुटेज सामने आने की बात भी कही जा रही है। विवाद के बाद लाइब्रेरी संचालकों, कर्मचारियों और छात्रों की ओर से सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।

शुभ लाइब्रेरी से शुरू हुआ विवाद, छात्र से बदसलूकी का आरोप
शिकायत में बताया गया है कि 30 सितंबर की शाम राहुल कथित तौर पर शुभ लाइब्रेरी पहुंचा था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वहां एक छात्र के साथ विवाद हुआ और उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए कॉलर तक फाड़ दिया गया। घटना के बाद वहां मौजूद छात्रों और कर्मचारियों के बीच भी तनाव की स्थिति बनने की बात सामने आई है।

पूजा और ज्ञान लाइब्रेरी में भी पहुंचने का दावा
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, शुभ लाइब्रेरी के बाद इसी तरह का विवाद पूजा लाइब्रेरी और ज्ञान लाइब्रेरी में भी होने का आरोप है। यहां कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी देने की बात शिकायत में कही गई है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ छात्रों को हथियार लेकर आने की धमकी दी गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

112 पर पहुंची सूचना, मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस की आपातकालीन सेवा 112 को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम संबंधित स्थान पर पहुंची, लेकिन शिकायत के मुताबिक तब तक संबंधित व्यक्ति वहां से जा चुका था। इसके बाद लाइब्रेरी संचालक, कर्मचारी और कुछ छात्र सिटी कोतवाली थाने पहुंचे और पूरे घटनाक्रम को लेकर लिखित शिकायत सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की।

CCTV फुटेज से खुलेगा विवाद का सच?
मामले में सामने बताए जा रहे CCTV फुटेज को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से मांग की है कि संबंधित लाइब्रेरियों में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की जाए, ताकि विवाद के दौरान वास्तव में क्या हुआ, यह स्पष्ट हो सके। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।