बिलासपुर।न्यायधानी में अपराधों का ग्राफ रातों-रात नहीं बढ़ता, बल्कि इसके पीछे एक पूरा इकोसिस्टम काम करता है। इसी इकोसिस्टम की सबसे मजबूत कड़ी कबाड़ माफियाओं पर बिलासपुर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। पहली बार सिर्फ नोटिस का खेल नहीं खेला गया, बल्कि पुलिस, प्रशासन और नगर निगम के जॉइंट ऑपरेशन ने कबाड़ के इस काले साम्राज्य को सीधा जेसीबी से रौंद डाला है। 49 ठिकानों पर एक साथ हुई इस रेड ने शहर के अंडरवर्ल्ड और चोरी के सिंडिकेट की कमर तोड़ कर रख दी है।

चोरों का बैंक थे ये गोदाम, 40 पर लगा ताला

दरअसल, शहर और ग्रामीण इलाकों में होने वाली हर छोटी-बड़ी चोरी का माल इन्हीं कबाड़ियों के गोदामों में खपाया जाता था। ये गोदाम चोरों के लिए 'बैंक' की तरह काम कर रहे थे। इसी नेक्सस को डिकोड करते हुए पुलिस ने एक साथ 49 बड़े कबाड़ियों के यहां दबिश दी। जब जांच शुरू हुई तो रसूखदारों के पसीने छूट गए। किसी के पास न जीएसटी था, न वैध लाइसेंस। मौके पर ही 40 गोदामों को सील कर दिया गया।

इन तीन मगरमच्छों के ठिकानों पर गरजा बुलडोजर

कार्रवाई में उन रसूखदारों को विशेष टारगेट किया गया, जिन्होंने सरकारी जमीनों को अपनी बपौती समझ लिया था:

 मंसूर बेग (बड़ी कोनी): यहां सरकारी जमीन पर कब्जा कर कबाड़ का विशाल शेड तान दिया गया था। पुलिस-प्रशासन ने घेराबंदी कर इस पूरे शेड और दुकान को नेस्तनाबूद कर दिया।

 पिंटू चौहान (चकरभाठा): ट्रांसपोर्ट नगर गेट के पास लंबे समय से जमे इस अवैध गोदाम और कब्जे को जेसीबी ने पूरी तरह ढहा दिया।

नानू साहू (चांटीडीह): शहर के संवेदनशील माने जाने वाले ईरानी मोहल्ले में पुलिस ने बेखौफ घुसकर नानू साहू के अवैध निर्माण और कब्जे को मिट्टी में मिला दिया।

सप्लाई चेन पर प्रहार: रिक्शे जब्त, अतिक्रमण साफ

कार्रवाई सिर्फ गोदामों तक सीमित नहीं रही। पुलिस ने कबाड़ की 'सप्लाई चेन' को भी पंगु बना दिया है। सरकंडा के जबड़ापारा में राजू मेमन और अभिनव पटेल के ठिकानों से 27 कबाड़ी रिक्शे जब्त किए गए। इसके अलावा बेजा कब्जा कर शहर की सूरत बिगाड़ने वाले 'सुजीत एंड पाठक बिरयानी सेंटर', 'श्री बिरयानी', शिव साहू की दुकान और 'विकास सोनी चाय सेंटर' के अवैध शेड व दीवारों को भी जमींदोज कर दिया गया।

चोरभट्टी का 'डॉन' अब तक पुलिस की पकड़ से दूर क्यों?

इस पूरी ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच एक बड़ा सवाल अब भी खड़ा है। सूत्रों के मुताबिक, सकरी और कोटा थाना क्षेत्र के बीच चोरभट्टी के पास एक कुख्यात कबाड़ी का गोदाम अब भी धड़ल्ले से चल रहा है। यह वही शख्स है जो पहले पुराने बस स्टैंड के पास सक्रिय था। जब पूरे शहर के कबाड़ियों पर गाज गिर गई, तो इस रसूखदार के गिरेबान तक पुलिस के हाथ क्यों नहीं पहुंच पा रहे हैं? क्या इसे किसी सफेदपोश का संरक्षण प्राप्त है?

आईडी प्रूफ नहीं, तो सीधे जेल

एएसपी पंकज पटेल ने इस कार्रवाई का सीधा संदेश दे दिया है। यह एक्शन चोरी की वारदातों पर लगाम कसने का मास्टरस्ट्रोक है। पुलिस ने अल्टीमेटम दिया है कि अब जो भी कबाड़ी बिना वैध लाइसेंस और कबाड़ बेचने वाले के आईडी प्रूफ (रिकॉर्ड) के बिना धंधा करेगा, उसकी जगह सीधा जेल की सलाखों के पीछे होगी।