खैरागढ़।छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले से लापता हुई एक नाबालिग छात्रा का शव बिलासपुर में रेलवे ट्रैक के पास मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, 14 वर्षीय छात्रा 28 मार्च की रात अपने घर से अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने अगले दिन इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया था। इस बीच, बिलासपुर के मस्तूरी क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के पास एक अज्ञात किशोरी का शव मिलने की सूचना सामने आई थी।
पहले शव की पहचान नहीं हो सकी, लेकिन 31 मार्च को परिजनों द्वारा पुष्टि किए जाने पर स्पष्ट हुआ कि यह शव लापता छात्रा का ही है। इस खुलासे के बाद परिजनों में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिवार का आरोप है कि मामले में शुरुआती स्तर पर पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त गंभीरता से नहीं की गई, जिसके कारण जांच में देरी हुई। वहीं पुलिस का कहना है कि सूचना मिलते ही आवश्यक प्रक्रिया अपनाई गई और अब मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना के पीछे के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर ही मौत की असली वजह सामने आ सकेगी। जांच एजेंसियां इस मामले को कई एंगल से देख रही हैं, जिसमें हादसा, आत्महत्या या किसी आपराधिक घटना की संभावना को भी शामिल किया गया है। आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स भी खंगाले जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों और परिजनों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। इस घटना ने एक बार फिर नाबालिगों की सुरक्षा और गुमशुदगी मामलों में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता को उजागर किया है। फिलहाल, पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाई जाएगी।



