ब्राजील राष्ट्रपति चुनाव 2026: लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में शानदार जीत दर्ज कर चौथी बार राष्ट्रपति बनने का रास्ता साफ कर लिया है। 25 अक्टूबर 2026 को हुए दूसरे चरण के मतदान में 80 वर्षीय लूला को 51.79 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो को 48.21 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। आधिकारिक चुनाव परिणामों के मुताबिक, लूला ने 44 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इस चुनावी हार के बाद फ्लावियो बोल्सोनारो अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ अमेरिका के मियामी पहुंच गए हैं।

हार स्वीकार करने से इनकार, परिवार के साथ छोड़ा ब्राजील

राष्ट्रपति पद के चुनाव में हार का सामना करने के बाद फ्लावियो बोल्सोनारो ने लूला की जीत स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद मंगलवार, 27 अक्टूबर को वह अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ ब्राजील से अर्जेंटीना पहुंचे। वहां से परिवार इक्वाडोर के ग्वायाकिल गया और फिर निजी विमान से अमेरिका के मियामी पहुंचा।

28 अक्टूबर को मियामी के ओपा-लॉका हवाई अड्डे पर विमान के उतरने की जानकारी सामने आई। इस घटनाक्रम ने ब्राजील की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। फ्लावियो की इस यात्रा को चुनावी हार के बाद देश छोड़ने के घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।

ट्रंप प्रशासन ने दी वीजा की मंजूरी

फ्लावियो बोल्सोनारो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। उन्होंने मई में व्हाइट हाउस का दौरा भी किया था। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने इसी सप्ताह फ्लावियो और उनके परिवार को अमेरिका में प्रवेश के लिए वीजा देने की मंजूरी दी थी।

इससे पहले उनके पिता जायर बोल्सोनारो भी 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में लूला से हारने के बाद फ्लोरिडा चले गए थे। हालांकि, वह करीब तीन महीने बाद ब्राजील लौट आए थे। पिता और बेटे के चुनावी घटनाक्रम में समानता को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा हो रही है।

सुप्रीम कोर्ट की जांच के घेरे में फ्लावियो

फ्लावियो बोल्सोनारो ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट की जांच के दायरे में हैं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार, धनशोधन और कर चोरी से जुड़े आरोपों की जांच की खबरें सामने आई हैं। अदालत ने उन्हें मंगलवार दोपहर तक अपना सामान्य और राजनयिक पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिया था।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि उन्होंने अदालत के आदेश का पालन किया या नहीं। उनके सहयोगियों ने मंगलवार देर रात दावा किया कि फ्लावियो के पास इटली का पासपोर्ट भी है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने अर्जेंटीना में प्रवेश के लिए इसी पासपोर्ट का इस्तेमाल किया।

इन घटनाक्रमों के बीच उनके देश छोड़ने और अमेरिका पहुंचने को लेकर ब्राजील की राजनीति में विवाद गहरा सकता है। हालांकि, जांच से जुड़े आरोपों को अदालत में साबित होना अभी बाकी है।

लूला को मिले 51.79 प्रतिशत वोट

ब्राजील के चुनाव प्राधिकरण के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, लूला दा सिल्वा को कुल 6 करोड़ 42 लाख 56 हजार 232 वोट मिले। वहीं, फ्लावियो बोल्सोनारो के खाते में 5 करोड़ 98 लाख 26 हजार 41 वोट आए।

दोनों उम्मीदवारों के बीच वोटों का अंतर 44 लाख से अधिक रहा। इस जीत के साथ लूला ने ब्राजील की राजनीति में अपनी मजबूत स्थिति कायम रखी है। दूसरी ओर, फ्लावियो की हार और उनके मियामी पहुंचने की खबर ने देश के राजनीतिक घटनाक्रम को अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया है।

अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि लूला की नई सरकार के सामने कौन-सी राजनीतिक चुनौतियां आती हैं और फ्लावियो बोल्सोनारो के खिलाफ चल रही जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।