दुर्ग। नवरात्रि के उत्सवी माहौल के बीच दुर्ग के पद्मनाभपुर स्थित हॉकी ग्राउंड में आयोजित गरबा नाइट कार्यक्रम विवादों में आ गया। कार्यक्रम के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने फिल्मी गानों और मुस्लिम युवकों की मौजूदगी को लेकर विरोध जताया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आयोजकों तथा बजरंग दल के पदाधिकारियों के बीच झूमाझटकी होने की बात सामने आई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद मामला चर्चा में है।

गरबा कार्यक्रम के बीच मंच पर पहुंचकर जताया विरोध
जानकारी के अनुसार, पूर्व महापौर और दुर्ग शहर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष धीरज बाकलीवाल की ओर से हॉकी ग्राउंड में दो दिवसीय गरबा नाइट का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आयोजन में बजाए जा रहे फिल्मी गानों और मुस्लिम युवकों की मौजूदगी पर आपत्ति जताई। वायरल वीडियो में बजरंग दल के जिला संयोजक रामलोचन तिवारी मंच पर पहुंचकर माइक के जरिए विरोध जताते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान आयोजकों और विरोध कर रहे लोगों के बीच विवाद बढ़ने की बात सामने आई।

फिल्मी गानों और एंट्री को लेकर क्या है विवाद?
वीडियो में रामलोचन तिवारी गरबा आयोजन को मां दुर्गा की उपासना से जुड़ा पर्व बताते हुए फिल्मी गाने नहीं बजाने की बात कहते नजर आते हैं। वे कार्यक्रम में मुस्लिम युवकों की एंट्री पर भी आपत्ति जताते दिखाई देते हैं। इसी मुद्दे को लेकर कार्यक्रम स्थल पर विरोध हुआ। हालांकि, आयोजन में प्रवेश से जुड़े नियम क्या थे, गानों के चयन को लेकर आयोजकों की क्या व्यवस्था थी और विवाद की शुरुआत किस परिस्थिति में हुई,इन सवालों पर आयोजकों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

आयोजक और बजरंग दल के पदाधिकारी के बीच झूमाझटकी
वायरल वीडियो में विवाद के दौरान धक्का-मुक्की और मारपीट जैसी स्थिति दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, आयोजक पक्ष और बजरंग दल के जिला संयोजक रामलोचन तिवारी के बीच भी टकराव हुआ। घटना के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर घटना की पूरी परिस्थितियों या विवाद में शामिल सभी लोगों की भूमिका के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

पुलिस कर रही वायरल वीडियो की जांच
फिलहाल, वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के दौरान क्या हुआ, विवाद किन परिस्थितियों में बढ़ा और क्या किसी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है, इन बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। वहीं, आयोजकों की ओर से विवाद को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है। जांच के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों और संभावित कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।