जगदलपुर। बस्तर के जंगलों में बाघ की मौजूदगी की सूचना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में हलचल बढ़ा दी है। भानपुरी वन परिक्षेत्र के मावलीगुड़ा स्थित खुटीगुड़ा पारा के आसपास बाघ देखे जाने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और संभावित विचरण क्षेत्र का निरीक्षण कर बाघ की मौजूदगी से जुड़े संकेतों की जांच की।

पदचिह्नों की जांच, इलाके में बढ़ाई निगरानी
वन विभाग की टीम ने उस क्षेत्र का जायजा लिया, जहां बाघ के देखे जाने की सूचना सामने आई थी। मौके पर मिले संभावित पदचिह्नों और अन्य संकेतों का परीक्षण किया जा रहा है। विभाग की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि बाघ किस इलाके से होकर आगे बढ़ रहा है और उसका संभावित मूवमेंट किस दिशा में है। बाघ की मौजूदगी की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में भी सतर्कता बढ़ गई है। जंगल और उसके आसपास रहने वाले ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।image-2026-09-09T152610.264-1024x558.jpg

मुनादी कराकर ग्रामीणों को किया गया सतर्क
वन विभाग ने स्थानीय कोटवार के माध्यम से गांव में मुनादी कराई है। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे अकेले जंगल या सुनसान इलाकों की ओर जाने से बचें और बाघ की गतिविधि दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसका पीछा करने की कोशिश न करें। विभाग ने मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके।

अभी तक जनहानि की सूचना नहीं
फिलहाल, बाघ की मौजूदगी की सूचना के बावजूद किसी व्यक्ति के घायल होने या जनहानि की जानकारी सामने नहीं आई है। वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रही है और ग्रामीणों से प्राप्त सूचनाओं को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। वन विभाग का प्रयास है कि बाघ की गतिविधियों पर नजर रखते हुए ग्रामीणों और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और बाघ दिखाई देने की स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना दें।