
रायपुर। छत्तीसगढ़ में निगम, मंडल और आयोगों के पदाधिकारियों को मंत्री दर्जा देने का सिलसिला जारी है। राज्य सरकार ने अब तीन और पदाधिकारियों को राज्य मंत्री का दर्जा देने का फैसला किया है। इस संबंध में शासन की ओर से बुधवार को आदेश जारी किया गया। नई सूची में छत्तीसगढ़ राज्य योग आयोग से जुड़े तीन पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं।
योग आयोग के तीन पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी के साथ नई हैसियत
सरकारी आदेश के मुताबिक छत्तीसगढ़ राज्य योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है। इसके अलावा आयोग के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला और उपाध्यक्ष शरद अवस्थी को भी यही दर्जा प्रदान किया गया है। सरकार के इस फैसले के बाद निगम, मंडल और आयोगों में मंत्री दर्जा प्राप्त पदाधिकारियों की संख्या में और इजाफा हुआ है।
पहले 18 पदाधिकारियों को दिया जा चुका है मंत्री दर्जा
इससे पहले राज्य सरकार ने निगम, मंडल और आयोगों के 18 पदाधिकारियों को मंत्री दर्जा देने का आदेश जारी किया था। इनमें तीन को कैबिनेट मंत्री का दर्जा और 15 अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया था। कैबिनेट मंत्री का दर्जा पाने वालों में रामलाल चौहान, रूप सिंह मंडावी और डॉ. ममता साहू के नाम शामिल थे। वहीं अन्य पदाधिकारियों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया था।
निगम-मंडल की सियासत में बढ़ा मंत्री दर्जा पाने वालों का दायरा
छत्तीसगढ़ की राजनीति में निगम, मंडल और आयोगों के पद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन संस्थाओं के प्रमुखों को मंत्री दर्जा मिलने से उन्हें प्रोटोकॉल और प्रशासनिक स्तर पर विशेष दर्जा प्राप्त होता है। अब तीन नए नाम जुड़ने के बाद सरकार की ओर से ऐसे पदाधिकारियों को मंत्री दर्जा देने का दायरा और बढ़ गया है। हालांकि, मंत्री दर्जा मिलने के साथ वास्तविक प्रशासनिक अधिकार संबंधित निगम, मंडल या आयोग की जिम्मेदारियों और शासन के नियमों के अनुसार ही तय होते हैं।