
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है। मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार
मौसम संबंधी पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में बादल छाने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम में यह बदलाव सभी जिलों में एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए बस्तर संभाग सहित दक्षिणी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपने जिले का ताजा पूर्वानुमान और चेतावनी जरूर देखनी चाहिए।
रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में सुबह के समय आसमान साफ रहने और बाद में आंशिक रूप से बादल छाने की संभावना है। उपलब्ध पूर्वानुमान के मुताबिक, शहर में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। हालांकि, बादलों की स्थिति और स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण पूर्वानुमान में बदलाव संभव है। ऐसे में बाहर निकलने या किसी खुले स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने से पहले ताजा मौसम अपडेट देखना बेहतर होगा।
आकाशीय बिजली और तेज हवाओं से बचने के लिए क्या करें?
गरज-चमक के दौरान थोड़ी-सी लापरवाही भी जोखिम बढ़ा सकती है। मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।
- बिजली चमकने या गरज सुनाई देने पर खुले मैदान में न रुकें और सुरक्षित, पक्के भवन में शरण लें।
- पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले स्थानों में खड़े होने से बचें।
- तेज हवाओं के दौरान कमजोर छतों, अस्थायी ढांचों और लटकते तारों से दूरी बनाए रखें।
- खेतों या खुले इलाकों में काम कर रहे लोग खराब मौसम के संकेत मिलते ही सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
- मौसम संबंधी किसी भी चेतावनी के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग के आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें।
मौसम विभाग के अपडेट पर रखें नजर
छत्तीसगढ़ में मौसम की स्थिति जिले-दर-जिले अलग हो सकती है। इसलिए बारिश या वज्रपात की संभावना को पूरे प्रदेश के लिए समान चेतावनी नहीं माना जाना चाहिए। मौसम विभाग के नए बुलेटिन के आधार पर ही प्रभावित इलाकों और चेतावनी की अवधि की पुष्टि की जानी चाहिए। फिलहाल, दक्षिणी क्षेत्रों में संभावित बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली को देखते हुए सतर्कता जरूरी है। मौसम का ताजा अपडेट लेकर ही यात्रा और बाहरी गतिविधियों की योजना बनाएं।