रायपुर : शैक्षणिक दस्तावेजों के लिए अब छात्रों को महीनों तक दफ्तरों की दौड़ लगाने और आवेदन के बाद जवाब का इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की महत्वपूर्ण सेवाओं को अब लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में लाकर उनके लिए समय-सीमा तय कर दी गई है। यानी आवेदन के बाद दस्तावेज कब तक मिलेगा, इसकी स्पष्ट जवाबदेही तय होगी।

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल पर लागू की गई इस व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को डुप्लीकेट अंकसूची, डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र, उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन और उत्तरपुस्तिका की फोटोकॉपी जैसी सेवाएं निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराई जाएंगी।

60 दिन... और इंतजार खत्म

नई व्यवस्था में डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र और डुप्लीकेट अंकसूची के लिए 60 दिवस की समय-सीमा तय की गई है। इसी तरह उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन और उसकी फोटोकॉपी से संबंधित सेवाओं के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद 60 दिवस के भीतर सेवा उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इस फैसले का सीधा असर उन विद्यार्थियों पर पड़ेगा, जिन्हें परीक्षा परिणाम के बाद उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं या अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं के लिए तत्काल दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है।

अब आवेदन का हिसाब भी होगा साफ

अभी तक दस्तावेजों के लिए आवेदन करने के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों को कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। आवेदन कहां पहुंचा, कब तक दस्तावेज मिलेगा और देरी क्यों हो रही है इन सवालों का स्पष्ट जवाब मिलना मुश्किल होता था। लोक सेवा गारंटी के दायरे में आने के बाद समय-सीमा और जवाबदेही दोनों तय होंगी। इससे अनावश्यक देरी पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है।

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि किसी विद्यार्थी को अपने ही शैक्षणिक दस्तावेज हासिल करने के लिए परेशान होना पड़े, यह स्वीकार्य नहीं है। परीक्षा परिणाम के बाद विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक दिन महत्वपूर्ण होता है। उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं सहित कई प्रक्रियाओं में दस्तावेज समय पर मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थी अपना समय पढ़ाई और भविष्य निर्माण में लगाएं, न कि जरूरी दस्तावेजों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने में।

अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

मंत्री ने अधिकारियों को विद्यार्थियों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ काम करने और निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी को दस्तावेज प्राप्त करने या परीक्षा संबंधी प्रक्रिया पूरी करने में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक विद्यार्थी-केंद्रित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम कर रही है। नई व्यवस्था को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।