
Health Tips: डायबिटीज में छोटी-सी चोट को भी नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। हाई ब्लड शुगर की वजह से शरीर में ब्लड फ्लो और इंफेक्शन से लड़ने की क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे घाव सामान्य व्यक्ति की तुलना में देर से भर सकता है।
डायबिटीज में क्यों बढ़ता है खतरा?
लगातार बढ़ा हुआ ब्लड शुगर रक्त वाहिकाओं और नसों को प्रभावित कर सकता है। इससे चोट वाली जगह तक पर्याप्त ब्लड, ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते। साथ ही संक्रमण से लड़ने की क्षमता कम होने पर छोटा घाव भी गंभीर समस्या बन सकता है।
चोट लगे तो तुरंत करें ये काम
घाव को साफ पानी से साफ करें और जरूरत के अनुसार साफ पट्टी से ढकें। घाव को बार-बार छूने या गंदे हाथों से साफ करने से बचें। अगर घाव गहरा है, लगातार खून निकल रहा है या संक्रमण के लक्षण दिख रहे हैं तो डॉक्टर से सलाह लें।
नंगे पैर चलने से बचें
डायबिटीज में पैरों की रोज जांच करना जरूरी है। घर में भी कोशिश करें कि नंगे पैर न चलें। छाले, फफोले, कट या लालिमा दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज न करें।
फोड़े-फुंसी या छाले न फोड़ें
किसी भी फफोले, दाने या फोड़े को खुद से फोड़ने या छेड़ने से बचें। इससे त्वचा में घाव बन सकता है और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
घाव पर क्या न लगाएं?
बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक क्रीम या दूसरी दवाएं न लगाएं। हाइड्रोजन पेरोक्साइड जैसे पदार्थ घाव पर खुद से इस्तेमाल करने से बचें। घाव में पस, बढ़ती लालिमा, सूजन, गर्माहट या दर्द दिखाई दे तो चिकित्सकीय सलाह लें।
Blood Sugar रखें कंट्रोल
घाव के दौरान ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं समय पर लें और डाइट का ध्यान रखें।
याद रखें: डायबिटीज में छोटी चोट को भी नजरअंदाज न करें। खासकर पैरों में होने वाले कट, छाले या घाव पर तुरंत ध्यान देना जरूरी है।