धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शेयर मार्केट और ट्रेडिंग ऐप में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। हर महीने 4 प्रतिशत मुनाफा देने का लालच देकर निवेशकों से 3 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले फरार मुख्य आरोपी को धमतरी पुलिस ने मध्यप्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों का भरोसा जीतने के लिए स्टाम्प पेपर पर नोटरीकृत इकरारनामा बनवाता था और सुरक्षा के नाम पर बैंक चेक भी देता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, एक टैबलेट और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान विक्रम सिंह शाह (37 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से धमतरी का रहने वाला है और वर्तमान में रायपुर में रह रहा था। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपी को इंदौर में घेराबंदी कर पकड़ा। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद 29 अक्टूबर 2026 को उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया।

ऐसे निवेशकों को बनाता था ठगी का शिकार

मामले की शुरुआत बालोद जिले के गुरूर निवासी 62 वर्षीय शिवकुमार साहू की शिकायत से हुई। उन्होंने पुलिस को बताया कि आरोपी विक्रम सिंह शाह धमतरी के कलेक्ट्रेट रोड स्थित अपने 'वेल्थ ट्रैकर' कार्यालय के माध्यम से लोगों को शेयर मार्केट और ट्रेडिंग ऐप में पैसा लगाने के लिए प्रेरित करता था। इसके बदले वह हर महीने 4 प्रतिशत ब्याज या मुनाफा देने का वादा करता था।

निवेशकों का विश्वास हासिल करने के लिए आरोपी बाकायदा स्टाम्प पेपर पर नोटरीकृत इकरारनामा तैयार करवाता था। साथ ही सुरक्षा के तौर पर बैंक के चेक भी देता था। इसी भरोसे में आकर शिवकुमार साहू और उनके परिवार ने कुल 25 लाख रुपये निवेश कर दिए। शुरुआत में आरोपी ने कुछ रकम मुनाफे के रूप में लौटाई, जिससे निवेशकों का विश्वास और मजबूत हो गया। लेकिन बाद में वह मूलधन और मुनाफे की रकम लौटाए बिना फरार हो गया।

कई निवेशकों से लाखों रुपये की ठगी

पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से कई लोगों को अपने जाल में फंसाकर बड़ी रकम जमा की थी। अब तक की विवेचना में 3 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है।

प्रमुख पीड़ितों में संगीता सिन्हा से 81 लाख रुपये, अंबिका प्रसाद सोनवानी से 60 लाख रुपये, भूषण सिन्हा से 28 लाख रुपये, चेतन सिन्हा से 16 लाख रुपये और प्रभुलाल सिन्हा से 12 लाख रुपये की ठगी की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा अन्य निवेशकों से भी रकम लेने की बात जांच में सामने आई है।

इंदौर में घेराबंदी कर पुलिस ने दबोचा

शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 214/2026, धारा 420 भादंवि के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। घटनास्थल धमतरी के सिटी कोतवाली क्षेत्र में होने के कारण मामले की विवेचना धमतरी पुलिस को सौंपी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम बनाई गई। पुलिस लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना से उसकी लोकेशन इंदौर में मिली, जिसके बाद टीम ने वहां पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

फिलहाल पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि निवेशकों से वसूली गई करोड़ों रुपये की रकम कहां रखी गई और किन माध्यमों से स्थानांतरित की गई। इस धोखाधड़ी में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने निवेशकों से की सतर्क रहने की अपील

धमतरी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कम समय में निश्चित और असामान्य मुनाफा देने वाली निवेश योजनाओं के झांसे में न आएं। किसी भी कंपनी, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म या निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और विश्वसनीयता की जांच जरूर करें।